'आई एम योर बॉस, स्टुपिड': बैठक में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने महिला अफसर से की बदसलूकी, बर्खास्तगी की दी धमकी
आईएएस कुमार राजीव रंजन विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने समीक्षा बैठक में अधीनस्थ बीनिश वानी को 'शिट' कहा और बर्खास्त करने की धमकी दी। रंजन ने वानी पर चिल्लाते हुए उन्हें 'शट अप' और 'ब्लडी शिट' भी कहा।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन एक अधीनस्थ महिला अधिकारी को 'शिट' कहने और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश करने की धमकी देने के बाद विवादों में घिर गए हैं। मिशन युवा पर आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर सरकार में श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव के पद पर तैनात 2010 बैच के आईएएस अधिकारी रंजन और सहायक निदेशक बीनिश वानी के बीच तीखी बहस हो गई।
रोजगार एवं परामर्श केंद्र, गांदरबल की सहायक निदेशक वानी जब अपने कार्यालय द्वारा हासिल किए गए लक्ष्यों के बारे में बैठक में जानकारी दे रही थीं, तब रंजन ने उन्हें बार-बार टोका। उन्होंने सवाल किया, 'आपको एनआरएलएम की क्या आवश्यकता है? अगर यह काम एनआरएलएम को ही करना था, तो मैं इसे एडी (सहायक निदेशक) को क्यों देता? मुख्य सचिव (सीएस) यह काम मुझे क्यों देते? वह इसे एमडी (प्रबंध निदेशक) एनआरएलएम को देते।'
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुई वानी ने यह समझाने की कोशिश की कि एनआरएलएम को केवल एक सहयोगी एजेंसी के रूप में इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, रंजन उन पर लगातार चिल्लाए और उन्हें 'शट अप' कहने लगे। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि क्या वह चुप बैठेंगी या नहीं।
कनिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है, लेकिन आईएएस अधिकारी ने उन्हें बोलना बंद करने को कहा। उन्होंने उन्हें 'ब्लडी शिट' भी कहा। रंजन ने कहा, 'मैं हमेशा इसी तरह बात कर सकता हूं। मैं तुम्हारा बॉस हूं, स्टुपिड।'
जब महिला अधिकारी ने कहा कि वह उन्हें 'शिट' नहीं कह सकते, तो रंजन ने अपने कमरे में मौजूद एक अन्य महिला अधिकारी से वानी के निलंबन का आदेश टाइप करने को कहा। इस पर वानी ने कहा, 'ठीक है, आप निलंबित कर सकते हैं।' रंजन द्वारा कनिष्ठ अधिकारी के खिलाफ मौखिक हमला जारी रखने पर, उन्होंने आगे कहा, 'टू हेल विद यू'। आईएएस अधिकारी ने अपने अधीनस्थ को वानी द्वारा कहे गए शब्दों को निलंबन आदेश में दर्ज करने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा, 'इसे रिकॉर्ड करो और जीएडी को लिखो कि कैसे इसे।
'सेवा से बाहर निकाला जाना चाहिए।'
गौरतलब है कि इस मामले पर टिप्पणी के लिए दोनों अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके। बता दें कि रंजन आर्म्स लाइसेंस मामले में अपनी भूमिका को लेकर सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं, जबकि पिछले साल उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था। कुपवाड़ा के उपायुक्त रह चुके रंजन, जम्मू-कश्मीर में गैर-निवासियों को हजारों हथियार लाइसेंस जारी करने में हुई अनियमितताओं की एजेंसी की जांच के दायरे में हैं।