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पुरानी कार खरीदना पड़ा भारी: जांच में सामने आया आतंकी फंडिंग का कनेक्शन, खरीदार को एनआईए कोर्ट से राहत

Wed, 30 Sep 2026 02:18 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 30 Sep 2026 02:18 PM IST
सार

श्रीनगर के एक डीलर से फाइनेंस पर खरीदी गई सेकंड हैंड महिंद्रा स्कॉर्पियो आतंकी कमाई से खरीदी गई होने के शक में एनआईए जांच के दायरे में आई थी।

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Second-hand cars are being used to carry out terrorist attacks.
NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

आतंकी वारदात को अंजाम देने में सेकंड हैंड कारों का इस्तेमाल हो रहा है। गाड़ी खरीदने वाले इससे अंजान हैं। श्रीनगर में सेकंड हैंड कारों के डीलर से फाइनेंस पर खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो के आतंकी कमाई से खरीदे जाने की कार होने का अंदेशा था। एनआईए की ओर से भेजे गए समन के बाद खुलासा हुआ। खरीदार को नेकनीयत पाते हुए एनआईए मामलों के स्पेशल जज प्रेम सागर ने कार छोड़े जाने के आदेश दिए हैं।

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एनआईए की ओर से लगाई गई अर्जी में कहा गया कि हंदवाड़ा पुलिस थाने में 11 जून, 2020 को आईपीसी की धारा 120-बी/121, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और यूएपीए एक्ट की धारा 17/18/20 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला कैरो ब्रिज, लंगेट पर नाका चेकिंग के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली सफेद रंग की क्रेटा कार से भारी मात्रा में नकदी और हेरोइन जैसे पदार्थ के छह पैकेट बरामद होने का था। इस कार को आरोपी अब्दुल मोमिन पीर चला रहा था। अपराध की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने एनआईए को मामले की जांच सौंप दी।

एनआईए पुलिस थाने में मामले को 23 जून, 2020 को फिर से दर्ज किया गया। जांच के बाद सीआईओ पांच दिसंबर, 2020 को इस अदालत में मुख्य चार्जशीट दायर की। जांच में पता चला कि अपराध करने में एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था। इसे 28 सितंबर, 2021 को सुहैल रमजान क्रानू से जब्त किया गया। शक था कि यह गाड़ी आतंकवाद से हुई कमाई से खरीदी गई है।

क्रानू ने संपत्ति कुर्क करने के आदेश के खिलाफ 30 नवंबर, 2021 को अदालत में अपील की। 16 सितंबर, 2022 को इसे खारिज कर दिया गया। इसके खिलाफ क्रानू ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए एनआईए अदालत से जब्त की गई चल संपत्ति जब्त करने का आदेश पारित करने का अनुरोध किया। एनआईए कोर्ट ने खरीदार के पक्ष में फैसला करते हुए जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने पर कार एनआईए के समक्ष पेश करने और न बेचे जाने की शर्त लगाई।

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डीलर को आरोपी डार ने वापस की थी गाड़ी
क्रानू ने गाड़ी मुदस्सिर अहमद डार से खरीदी थी, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। वह इससे नशे की ढुलाई कर रहा था। डार ने इस गाड़ी को डीलर को वापस कर दिया था। जब आवेदक ने गाड़ी खरीदी, तब मुदस्सिर अहमद डार आरोपी नहीं था। उसके पास गाड़ी के सोर्स या उसके इस्तेमाल के बारे में शक करने की कोई वजह थी। कहा कि उसने गाड़ी लोन पर खरीदी थी। गाड़ी धूप और बारिश में खराब हो रही है। इसे छोड़ा नहीं गया तो बगैर इस्तेमाल उन्हें लोन की बड़ी किश्तें चुकाने पर विवश होना पड़ेगा।

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