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Z-Morh tunnel: प्रधानमंत्री मोदी ने सोनमर्ग में किया जेड-मोड़ टनल का उद्घाटन, कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत
Mon, 13 Jan 2025 01:19 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 13 Jan 2025 01:19 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनमर्ग में जेड-मोड़ टनल का उद्घाटन किया, जिससे सोनमर्ग को सालभर पर्यटकों के लिए सुलभ बनाया जाएगा और कश्मीर-लद्दाख कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।
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ज़ेड-मोड़ टनल उद्घाटन
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर के सोनमर्ग क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जेड-मोड़ टनल का उद्घाटन किया, जिससे इस पर्यटन स्थल को अब पूरे साल सुलभ बनाया जा सकेगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन जयराम गडकरी, जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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प्रधानमंत्री ने 2,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस परियोजना का उद्घाटन करने के बाद टनल का निरीक्षण किया और निर्माण अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने टनल निर्माण में कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने वाली निर्माण टीम से जानकारी ली।
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यह 6.5 किलोमीटर लंबी दो लेन वाली बाई-डायरेक्शनल टनल गांदरबल जिले के गगनगीर और सोनमर्ग के बीच बनाई गई है। इस टनल में आपातकालीन स्थितियों के लिए एक 7.5 मीटर चौड़ी एस्केप पैसिज भी बनाई गई है। समुद्र स्तर से 8,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह टनल श्रीनगर और सोनमर्ग के बीच मौसम के हिसाब से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और लैंडस्लाइड और हिमस्खलन से बचने में मदद करेगी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जम्मू और कश्मीर दौरे के दौरान इस परियोजना की अहमियत को रेखांकित किया। इस टनल से सोनमर्ग को पूरे साल पर्यटन के लिए सुलभ बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन, साहसिक खेल और रोजगार में वृद्धि होगी। यह टनल परियोजना ज़ोजिला टनल के साथ मिलकर कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच यात्रा को और आसान बनाएगी, साथ ही रक्षा, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक एकता में भी योगदान करेगी।
जेड-मोड़ टनल पर काम मई 2015 में शुरू हुआ था और यह परियोजना पहले 2016-2017 में पूरी होनी थी, लेकिन वित्तीय संकट के कारण काम 2018 में रुक गया था। इसके बाद 2019 में परियोजना को फिर से टेंडर किया गया और इसे एपीसीओ इंफ्राटेक को सौंपा गया।