{"_id":"672e9548129ff8167b0ff9c3","slug":"on-the-issue-of-special-status-to-the-state-omar-said-there-is-something-in-the-proposal-2024-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar : राज्य को विशेष दर्जे के मामले पर उमर बोले-प्रस्ताव में कुछ तो है, इसलिए बना रहे निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar : राज्य को विशेष दर्जे के मामले पर उमर बोले-प्रस्ताव में कुछ तो है, इसलिए बना रहे निशाना
Sat, 09 Nov 2024 04:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 09 Nov 2024 04:19 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में राज्य के विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कुछ तो ऐसा है, जिसके लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन
उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
- फोटो : X / @OmarAbdullah
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में राज्य के विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कुछ तो ऐसा है, जिसके लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री निशाना बना रहे हैं। केंद्र इसे सरसरी तौर पर खारिज नहीं कर सकता। उपराज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए उमर ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार वकालत की। उमर ने कहा, राज्य के लोगों ने 5 अगस्त, 2019 के फैसले को स्वीकार नहीं किया। इस बीच, विधानसभा में इस मसले पर तीसरे दिन भी हंगामा हुआ और 13 विधायकों को बाहर निकाल दिया गया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि ऐतिहासिक प्रस्ताव 15 मिनट में समझौता कैसे बन गया। एक ऐसा प्रस्ताव पारित करना जिसे केंद्र कुछ ही समय में खारिज कर दे कोई मूर्ख नहीं कर सकता। हमने एक ऐसा प्रस्ताव बनाया है जो दुनिया को प्रभावित करता है कि जम्मू और कश्मीर के लोगों ने 5 अगस्त, 2019 के फैसलों को स्वीकार नहीं किया और साथ ही केंद्र भी इसे सरसरी तौर पर खारिज नहीं कर सकता। अगर यह एक समझौता था तो इसके बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं थी। उनके इसके बारे में बोलने से साबित होता है कि यह दरवाजे खोलता है, बंद नहीं करता। हम ऐसे किसी भी शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे जो हमें सीमित कर दे। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के पारित होने से लोगों को अपनी आवाज मिल गई है। हम बात कर पा रहे हैं, घुटन महसूस हो रही थी। ऐसा लगता है जो बोझ लोगों के कंधों पर था वह उतर गया।
विज्ञापन
सीएम ने प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगर शांति नहीं है तो अन्य चीजों पर काम करना असंभव हो जाता है, इसलिए चीजों को शांतिपूर्ण बनाए रखने में मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। अब्दुल्ला ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार वकालत की और कहा कि यह वह विधानसभा नहीं है जो हम चाहते हैं। हम पूर्ण विधानसभा चाहते हैं, जिसका वादा प्रधानमंत्री ने किया है।
विज्ञापन
शांति के लिए एलजी के साथ मिलकर काम करेंगे
उमर ने कहा, हम एक केंद्र शासित प्रदेश हैं। बहुत सारी जिम्मेदारियां निर्वाचित सरकार को हस्तांतरित कर दी गई हैं लेकिन शांति, कानून और व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद से लड़ने की जिम्मेदारी निर्वाचित सरकार के पास नहीं है।अब्दुल्ला ने कहा, "स्थिति को एक वैक्यूम के बीच सामान्य नहीं किया जा सकता। निर्वाचित सरकार और सुरक्षा तंत्र के बीच समन्वय को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। मैं पुलिस और अर्धसैनिक बलों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम शांति बनाए रखने में उनके साथ हैं। हम एलजी के साथ मिलकर काम करेंगे
सीएम ने कहा...आखिर में मैं इस शेर की साथ इजाजत लूंगा कि...
जिसको तूफान से उलझने की हो आदत हो मोहसिन
ऐसी कश्ती को समुंदर भी दुआ देता है।