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लिकिर को शीघ्र पॉटरी क्राफ्ट गांव घोषित किया जाएगा : कुंद्रा
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मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लद्दाख में जनसंपर्क किया, स्रोत – सूचना विभाग
लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लिकिर, अलची और लेह क्षेत्रों का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। इसका उद्देश्य विकासात्मक पहलों की समीक्षा करना तथा जनसंपर्क को सुदृढ़ करना था। उन्होंने एलान किया कि लिकिर को शीघ्र ही पॉटरी क्राफ्ट गांव घोषित किया जाएगा।
लिकिर उप-मंडल में मुख्य सचिव का ग्रामीणों ने स्वागत किया। नंबरदार ने लिकिर की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए इसे पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों (पॉटरी) की कला और शिल्प के लिए प्रसिद्ध गांव बताया। ग्रामीणों ने जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए आबादी भूमि के विस्तार, एसडीएम कार्यालय को पूर्ण रूप से कार्यशील उप-मंडल बनाए जाने, गांव के अस्पताल में अवसंरचना और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा अशोक चक्र विजेता नायब सूबेदार त्सेतन मुतुप की स्मृति में छात्रों और युवाओं के लाभ हेतु स्मृति उद्यान, जिम और पुस्तकालय के विकास जैसे मुद्दे उठाए। इसके अतिरिक्त युवा कलाकारों के लिए पॉटरी केंद्र तथा एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम की मांग भी रखी गई।
सभा को संबोधित करते हुए आशीष कुंद्रा ने ग्रामीणों की वास्तविक मांगों को पूरा करने के लिए अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी गांव की महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने में सहायता का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की आवश्यकताओं की समीक्षा जनसंख्या के अनुरूप की जाएगी। मुख्य सचिव ने पारंपरिक पॉटरी, हस्तशिल्प, सिलाई, लकड़ी की नक्काशी, ऊन बुनाई, क्रोशे कार्य तथा अन्य स्वदेशी कलाओं की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने प्राचीन अलची मठ का दौरा किया जहां उन्होंने सदियों पुरानी भित्ति चित्रों और संरक्षित विरासत संपत्तियों का निरीक्षण किया। उन्होंने भिक्षुओं के साथ संवाद भी किया। मुख्य सचिव ने भारतीय सेना द्वारा निर्मित, संचालित और अनुरक्षित गुरुद्वारा श्री पत्थर साहिब में भी माथा टेका।
दिन के उत्तरार्ध में मुख्य सचिव ने आइबेक्स कॉलोनी, लेह में एक जन दरबार आयोजित किया जहां निवासियों ने नवस्थापित कॉलोनी के लिए भूमि आवंटन, मूलभूत सुविधाओं की कमी, गांव मुखिया के लिए स्टांप प्राधिकरण की अनुपलब्धता तथा समिति भवन में हीटिंग की समस्या जैसे मुद्दे उठाए। जल जीवन मिशन के तहत पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, स्कलज़ांगलिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी भूमि और अवसंरचना से जुड़ी समान चिंताएं व्यक्त कीं।
इन मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य सचिव ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। संवाद
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लिकिर उप-मंडल में मुख्य सचिव का ग्रामीणों ने स्वागत किया। नंबरदार ने लिकिर की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए इसे पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों (पॉटरी) की कला और शिल्प के लिए प्रसिद्ध गांव बताया। ग्रामीणों ने जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए आबादी भूमि के विस्तार, एसडीएम कार्यालय को पूर्ण रूप से कार्यशील उप-मंडल बनाए जाने, गांव के अस्पताल में अवसंरचना और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा अशोक चक्र विजेता नायब सूबेदार त्सेतन मुतुप की स्मृति में छात्रों और युवाओं के लाभ हेतु स्मृति उद्यान, जिम और पुस्तकालय के विकास जैसे मुद्दे उठाए। इसके अतिरिक्त युवा कलाकारों के लिए पॉटरी केंद्र तथा एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम की मांग भी रखी गई।
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सभा को संबोधित करते हुए आशीष कुंद्रा ने ग्रामीणों की वास्तविक मांगों को पूरा करने के लिए अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी गांव की महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने में सहायता का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की आवश्यकताओं की समीक्षा जनसंख्या के अनुरूप की जाएगी। मुख्य सचिव ने पारंपरिक पॉटरी, हस्तशिल्प, सिलाई, लकड़ी की नक्काशी, ऊन बुनाई, क्रोशे कार्य तथा अन्य स्वदेशी कलाओं की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने प्राचीन अलची मठ का दौरा किया जहां उन्होंने सदियों पुरानी भित्ति चित्रों और संरक्षित विरासत संपत्तियों का निरीक्षण किया। उन्होंने भिक्षुओं के साथ संवाद भी किया। मुख्य सचिव ने भारतीय सेना द्वारा निर्मित, संचालित और अनुरक्षित गुरुद्वारा श्री पत्थर साहिब में भी माथा टेका।
दिन के उत्तरार्ध में मुख्य सचिव ने आइबेक्स कॉलोनी, लेह में एक जन दरबार आयोजित किया जहां निवासियों ने नवस्थापित कॉलोनी के लिए भूमि आवंटन, मूलभूत सुविधाओं की कमी, गांव मुखिया के लिए स्टांप प्राधिकरण की अनुपलब्धता तथा समिति भवन में हीटिंग की समस्या जैसे मुद्दे उठाए। जल जीवन मिशन के तहत पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, स्कलज़ांगलिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी भूमि और अवसंरचना से जुड़ी समान चिंताएं व्यक्त कीं।
इन मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य सचिव ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। संवाद