Leh Violence: एलबीए सदस्य ने की आत्महत्या, दावा-वांगचुक को जेल भेजे जाने से परेशान थे
एलबीए के सदस्य स्टेंजिन दोरजे ने आत्महत्या कर ली, बताया जा रहा है कि वे सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी से मानसिक रूप से परेशान थे। पुलिस ने मामला आत्महत्या का बताया है, हालांकि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और जांच जारी है।
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लद्दाख बौद्ध संघ (एलबीए) की जनरल काउंसिल के एक सदस्य का शव बुधवार तड़के अपने आवास पर फांसी के फंदे से लटका पाया गया। दावा किया जा रहा है कि वे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का बड़े प्रशंसक थे और उनको जेल भेजे जाने के बाद से परेशान थे।
संघ के अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने वीरवार को इसकी पुष्टि की। लेह शहर से करीब सौ किलोमीटर दूर स्थित स्किटमंग गांव के रहने वाले स्टेंजिन दोरजे के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। दोरजे, जो लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के को-चेयरमैन भी हैं, ने स्टेंजिन के भाइयों के हवाले से बताया कि बीती 24 सितंबर को लेह हिंसा के बाद से स्टेंजिन बेहद उदास थे। सोनम वांगचुक को राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में भेजे जाने के बाद वे और परेशान हो गए थे।
चेरिंग दोरजे ने कहा कि स्टंेजिन उनकी एसोसिएशन के जनरल काउंसिल के सदस्य थे। वे लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने और राज्य का दर्जा दिए जाने के आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े थे। दोरजे ने दावा कि उन्होंने बीती 24 सितंबर को स्टेंजिन को वांगचुक के साथ देखा था। दोरजे ने यह भी बताया कि स्टेंजिन भूख हड़ताल स्थल से बाहर भी जाना चाहते थे, लेकिन वांगचुक ने स्टेंजिन को रोक लिया।
पुलिस ने आत्महत्या की पुष्टि की:
पुलिस की ओर से दोरजे के आत्महत्या करने की पुष्टि की गई है। प्रारंभिक जांच में उनके बीते मंगलवार की रात बहुत अधिक शराब पी लेने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। मृतक का पोस्टमार्टम बुधवार को ही कर दिया गया था और शव अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार को सौंप दिया गया था।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला :
पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमें ऐसा कोई नोट या अन्य कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे पता चले कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।