फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Ladakh New Excise Policy

Srinagar News: लद्दाख की नई आबकारी नीति को एलजी की मंजूरी, नशीले पदार्थों पर लगेगी लगाम

विज्ञापन
Ladakh New Excise Policy
-नशीले पदार्थों पर निर्भरता कम करना, पर्यटन बढ़ाना और राजस्व में वृद्धि उद्देश्य
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर अंकुश लगाना और शराब के विनियमित व्यापार को मजबूत करना है।
प्रशासन के अनुसार यह नीति वैध और नियंत्रित तरीके से मादक पेय पदार्थ उपलब्ध कराकर मादक पदार्थों पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के साथ-साथ पर्यटन संवर्धन और राजस्व वृद्धि पर भी केंद्रित है। नीति तैयार करते समय नागरिक समाज, धार्मिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों से व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसमें यह भी देखा गया कि अधिकृत शराब की सीमित उपलब्धता अवैध मादक पदार्थों और तस्करी की शराब पर निर्भरता बढ़ा रही थी। नई नीति एक पारदर्शी और तकनीक-संचालित नियामक ढांचा पेश करती है, जिसमें जनसुविधा, पर्यटन संवर्धन, राजस्व वृद्धि और शराब व्यापार के प्रभावी नियमन के बीच संतुलन बनाए रखा गया है।
विज्ञापन

---------
ये हैं मुख्य बदलाव
-हार्ड लिकर (तेज शराब), विदेशी मदिरा और भारतीय निर्मित विदेशी मदिरा (आईएमएफएल) की खुदरा वेंडों के माध्यम से बिक्री की अनुमति होगा। पहले बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक पेय पदार्थों की खुदरा बिक्री की अनुमति थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-पूरे लद्दाख में 20 शराब वेंड खोलने को मंजूरी दी गई है। पहले केवल दो लेह स्थित दुकानें थीं। नई नीति के तहत नुब्रा, चांगथांग, शाम और जांस्कर जिलों में भी शराब उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को सुविधा मिलेगी।
-पहली बार गेस्ट हाउस और होमस्टे को निर्धारित शुल्क के भुगतान पर शराब लाइसेंस प्राप्त करने की अनुमति दी गई है। माइक्रो-ब्रुअरी युक्त बीयर बार खोलने की भी अनुमति होगी। अब होटल अपने परिसर और अतिथि कमरों में भी शराब परोस सकेंगे, जबकि पहले इसकी अनुमति केवल बार क्षेत्र तक सीमित थी।
-लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाकर आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 16 से घटाकर 6 की गई। लाइसेंस के लिए जिला प्रशासन की अनिवार्य राय की शर्त भी समाप्त कर दी गई है।
-भारतीय निर्मित विदेशी मदिरा ब्रांडों पर प्रति लीटर शुद्ध अल्कोहल के लिए 500 रुपये की समान आबकारी शुल्क दर लागू की गई है। वार्षिक थोक लाइसेंस शुल्क को 3.5 लाख से 5 लाख रुपये कर दिया है। खुदरा वेंडों का आधार मूल्य लेह नगर में 60 लाख और अन्य क्षेत्रों में 30 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
-निजी समारोहों, बैंक्वेट हॉल और पार्टी स्थलों में निर्धारित शुल्क के बाद शराब परोसने की अनुमति। थोक वितरण की अनुमति के साथ ही एक समान आबकारी शुल्क प्रणाली भी लागू।
-एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री करने पर लाइसेंस रद्द होगा। कर चोरी रोकने और उत्पादों की ट्रेसबिलिटी बढ़ाने के लिए निर्माताओं और आयातकों को सुरक्षा होलोग्राम लगाना अनिवार्य होगा।
-प्लास्टिक की बोतलों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगेगा। अब केवल स्वीकृत कांच की बोतलों, पीईटी बोतलों और टिन कैनों में ही शराब बेची जा सकेगी। लाइसेंस धारकों को 21 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को रोजगार देने की अनुमति दी गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

-धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और सार्वजनिक पार्कों से 100 मीटर की दूरी पर स्थापित होंगे शराब वेंड।
--------
नई आबकारी नीति संतुलित : एलजी
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नई आबकारी नीति संतुलित और व्यावहारिक ढांचा तैयार करती है, जो जनचिंताओं का समाधान करे, अवैध व्यापार पर रोक लगाए और वैध माध्यमों से मादक पदार्थों पर निर्भरता कम करे।
--------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed