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Srinagar News: दारचिक्स में घायल गर्भवती जंगली पहाड़ी बकरी को किया रेस्क्यू
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रेस्क्यू की गई घायल गर्भवती आइबेक्स।स्रोत : सोशल मीडिया।
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
कारगिल। वन्यजीव संरक्षण के एक सराहनीय प्रयास के तहत लद्दाख पुलिस ने कारगिल के दारचिक्स सीमावर्ती क्षेत्र से एक घायल गर्भवती आइबेक्स (जंगली पहाड़ी बकरी) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
अधिकारियों के अनुसार स्थानीय निवासियों की ओर से क्षेत्र में घायल मादा आइबेक्स देखे जाने की सूचना पुलिस को दी गई। दारचिक्स पुलिस पोस्ट के प्रभारी उप-निरीक्षक मोहम्मद जाफर के नेतृत्व में एक पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जानवर को सुरक्षित बचा लिया।
बताया गया कि आइबेक्स के पैर में फ्रैक्चर था और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित रूप से अपने संरक्षण में लेकर जिला वन्यजीव विभाग को सौंप दिया गया। पशु के उपचार और देखभाल के लिए जिला मुख्यालय से वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उपचार के बाद घायल आइबेक्स पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी और उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा।
यह घटना विशेष रूप से लद्दाख के दूरस्थ और पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदायों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।
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कारगिल। वन्यजीव संरक्षण के एक सराहनीय प्रयास के तहत लद्दाख पुलिस ने कारगिल के दारचिक्स सीमावर्ती क्षेत्र से एक घायल गर्भवती आइबेक्स (जंगली पहाड़ी बकरी) का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
अधिकारियों के अनुसार स्थानीय निवासियों की ओर से क्षेत्र में घायल मादा आइबेक्स देखे जाने की सूचना पुलिस को दी गई। दारचिक्स पुलिस पोस्ट के प्रभारी उप-निरीक्षक मोहम्मद जाफर के नेतृत्व में एक पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जानवर को सुरक्षित बचा लिया।
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बताया गया कि आइबेक्स के पैर में फ्रैक्चर था और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित रूप से अपने संरक्षण में लेकर जिला वन्यजीव विभाग को सौंप दिया गया। पशु के उपचार और देखभाल के लिए जिला मुख्यालय से वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उपचार के बाद घायल आइबेक्स पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी और उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा।
यह घटना विशेष रूप से लद्दाख के दूरस्थ और पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदायों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।