Jammu Kashmir: टीआरएफ का प्रोपेगैंडा देश के लिए बड़ा खतरा...सतर्क रहें, बोले एलजी मनोज सिन्हा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने टीआरएफ के सोशल मीडिया प्रोपेगैंडा को गंभीर खतरा बताते हुए लोगों से सतर्क रहने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील की। उन्होंने कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने, जैव विविधता की सुरक्षा, और सैनिकों के लिए सहायता पोर्टल लॉन्च करने जैसे कदमों की भी जानकारी दी।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) की सक्रियता को खतरनाक बताया। टैगोर हॉल में पहाड़ी जनजातीय समुदाय की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीआरएफ का प्रोपेगैंडा बड़ा खतरा है, हमें इससे बचने की जरूरत है। एलजी ने पहाड़ी समुदाय से कहा कि वे आतंक के खिलाफ लड़ाई में साथ दें। कहा कि मैं नहीं कहता कि आप लोगों का आतंकवाद से कोई वास्ता है।
लोग धारणाएं बनाने लगते हैं। दरअसल टीआरएफ के सोशल मीडिया हैंडल पर भी वही बात कही जा रही होती है, जो आप बयान देते हैं। यह वाकई खतरनाक है और इस पर चिंतन करना चाहिए।
नक्सलवाद कुछ महीनों में पूरी तरह खत्म होगा:
एलजी ने कहा कि देश में आतंकवाद लगभग खत्म हो चुका है। नक्सलवादियों का कभी सपना था कि नेपाल तक रेड कॉरिडोर बना देंगे, लेकिन उन्हें एक छोटे से हिस्से में समेट दिया गया है। आने वाले कुछ महीनों में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
जम्मू-कश्मीर आतंकवाद से लंबे समय से पीड़ित रहा है, यहां आतंकवाद समाप्त हो यह बहुत जरूरी है, इसके बिना न विकास हो सकता है न रोजगार मिल सकता है। सेना, सुरक्षाबल और पुलिस अपना काम कर रहे हैं, लेकिन भारत का नागरिक होने के कारण हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम कोई ऐसा काम न करें जिससे आतंकवादियों को लाभ हो।
पड़ोसी के पेट में बराबर दर्द रहता है :
दुर्भाग्य से हम ऐसा पड़ोसी पा गए हैं, जिसके पेट में बराबर दर्द होता है। जब एक घर का बंटवारा होता है तो दोनों पक्ष अपने घर को सजाने और परिवार की तरक्की में लग जाते हैं।
विकसित भारत और तेजी से विकास के लिए हमें पारिस्थितिक और आर्थिक अखंडता बनाए रखनी चाहिए। जैव विविधता की सुरक्षा को राष्ट्रीय मिशन बनाते हुए समाज के सभी वर्गों को प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, बहाली और पुनरुत्पादन के लिए मिलकर काम करना होगा।
सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों और उनके समर्थकों को पूरी तरह खत्म करने की पूरी छूट दी गई है। उनका समूल नाश करेगी। यह बातेंं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा नेे कही। वह शनिवार को श्रीनगर मेंं एक समारोह मेंं बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। एलजी ने जम्मू-कश्मीर में हाल की प्राकृतिक आपदा के दौरान अपनी असाधारण और निस्वार्थ सेवा के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों, एनजीओ और सिविल प्रशासन अधिकारियों को सम्मानित किया।
एलजी ने पर्यटकों को दिया कश्मीर आने का निमंत्रण: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विश्व पर्यटन दिवस पर शनिवार को पर्यटकों को कश्मीर आने का निमंत्रण दिया। बता दें कि एक दिन पूर्व एलजी ने जम्मू-कश्मीर के 12 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी जिन्हें पहले एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था।
शनिवार को एक्स पर किए पोस्ट में सिन्हा ने कहा, ‘ मैं आप सभी को जम्मू-कश्मीर आने का निमंत्रण देता हूं। मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बेजोड़ आतिथ्य से भरपूर भारत का यह मुकुट रत्न साल भर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है जो मनमोहक सुंदरता और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।’’ शुक्रवार को एहतियातन बंद किए पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का निर्णय श्रीनगर में राजभवन में एलजी की अध्यक्षता में हुई यूनिफाइड हेडक्वार्टर (यूएचक्यू) मीटिंग में की गई विस्तृत सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया।
उपराज्यपाल सैनिक सहायता केंद्र के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराना आसान है। इस पोर्टल की लॉन्चिंग उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को की थी। इस पोर्टल पर सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र बलों के सेवारत कर्मचारी और उनके परिजन lgssk.jk.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यह पोर्टल केंद्र जम्मू-कश्मीर के सभी सेवारत कर्मियों, साथ ही वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश में तैनात कर्मियों के नागरिक मुद्दों के समाधान के लिए एकल-खिड़की सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा।केंद्र में आवेदन केवल संबंधित कमांडिंग ऑफिसर के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, ताकि प्रामाणिकता बनी रहे। आवेदन ईमेल lg-ssk-jk@jk.gov.in पर, या डाक द्वारा दिए गए पते पर भेजी जा सकती है। इसके लिए पता है-उपराज्यपाल सैनिक सहायता केंद्र, कमरा संख्या 56, भूतल, सिविल सचिवालय, श्रीनगर - 190001 उपराज्यपाल सैनिक सहायता केंद्र, सचिवालय कोषागार के पास, सिविल सचिवालय, जम्मू-180001।