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1996 से अब तक नेकां ने जम्मू कश्मीर की बिजली दो बार बेच दी है: इल्तिजा मुफ्ती
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श्रीनगर। पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) पर हमला बोलते हुए उस पर जम्मू-कश्मीर के बिजली क्षेत्र को लेकर असंगत और दोहरी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने बार-बार इस क्षेत्र की पनबिजली संपत्तियों का सौदा किया है। कहा, 1996 से अब तक नेकां ने जम्मू कश्मीर की बिजली दो बार बेच दी है।
इल्तिजा ने आरोप लगाया कि नेकां के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने 1996 में आठ बिजली परियोजनाएं एनएचपीसी को कौड़ियों के भाव तोहफे में दे दी थीं। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले के कारण जम्मू कश्मीर को अपनी खुद की पैदा की हुई बिजली बहुत ज्यादा कीमतों पर खरीदनी पड़ी।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने फिर से दो और बिजली परियोजनाएं एनएचपीसी को सौंप दी हैं। मुफ्ती ने कहा कि चुनावों के दौरान नेकां ने उन बिजली परियोजनाओं को वापस लेने का वादा किया था जिन्हें उसने एनएचपीसी को तोहफे में दिया था। चुने जाने के बाद उन्होंने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया और पिछली परियोजनाओं को वापस लेने के बजाय और परियोजनाएं सौंप दीं।
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पीडीपी नेता ने आगे कहा कि नेकां की दोहरी नीति ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू कश्मीर के लोग बिजली कटौती से जूझ रहे हैं और बिजली के ऊंचे बिल चुकाने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह फैसला आने वाले समय में हमेशा जम्मू कश्मीर को परेशान करता रहेगा।
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इल्तिजा ने आरोप लगाया कि नेकां के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने 1996 में आठ बिजली परियोजनाएं एनएचपीसी को कौड़ियों के भाव तोहफे में दे दी थीं। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले के कारण जम्मू कश्मीर को अपनी खुद की पैदा की हुई बिजली बहुत ज्यादा कीमतों पर खरीदनी पड़ी।
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उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने फिर से दो और बिजली परियोजनाएं एनएचपीसी को सौंप दी हैं। मुफ्ती ने कहा कि चुनावों के दौरान नेकां ने उन बिजली परियोजनाओं को वापस लेने का वादा किया था जिन्हें उसने एनएचपीसी को तोहफे में दिया था। चुने जाने के बाद उन्होंने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया और पिछली परियोजनाओं को वापस लेने के बजाय और परियोजनाएं सौंप दीं।
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पीडीपी नेता ने आगे कहा कि नेकां की दोहरी नीति ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू कश्मीर के लोग बिजली कटौती से जूझ रहे हैं और बिजली के ऊंचे बिल चुकाने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह फैसला आने वाले समय में हमेशा जम्मू कश्मीर को परेशान करता रहेगा।