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Srinagar News: विपक्षी सांसदों ने इंजीनियर रशीद की लगातार हिरासत पर चिंता जताई
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कुपवाड़ा में सांसद इंजीनियर राशिद से मिलते सांसद।
- फोटो : shrinagar news
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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामुला से सांसद इंजीनियर रशीद के घर जाकर कई सांसदों ने उनके परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद उमेश पटेल और सुधाकर सिंह शामिल थे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और बाद में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पूरे देश में कई लोग कश्मीर के लोगों के दर्द और चिंताओं को समझते हैं।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सुधाकर सिंह ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि कश्मीर के लोगों ने बहुत कष्ट सहे हैं और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए। इंजीनियर रशीद ने संसद में जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और मानवाधिकार के मुद्दों को लगातार उठाया है। उनकी लगातार कैद से नई दिल्ली और कश्मीर के बीच का पुल कमजोर होगा। सिंह ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ केंद्र सरकार के संवाद की कमी के कारण इस क्षेत्र में अलगाव की भावना बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, उन्हें (रशीद) बिना किसी और देरी के रिहा किया जाना चाहिए ताकि वे अपने लोगों की सेवा कर सकें। सांसदों ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से भी बातचीत की और कहा कि भारत के लोग कश्मीरियों के दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संबंधों का आधार बनने वाले समझौतों का सम्मान और आदर किया जाना चाहिए। सिंह ने आगे दावा किया कि रशीद की लगातार कैद जम्मू-कश्मीर के लोगों के जनादेश का अपमान है। लोगों ने जेल में होने के बावजूद उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वे बेज़ुबानों की आवाज बन गए थे।
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प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सुधाकर सिंह ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि कश्मीर के लोगों ने बहुत कष्ट सहे हैं और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए। इंजीनियर रशीद ने संसद में जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और मानवाधिकार के मुद्दों को लगातार उठाया है। उनकी लगातार कैद से नई दिल्ली और कश्मीर के बीच का पुल कमजोर होगा। सिंह ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ केंद्र सरकार के संवाद की कमी के कारण इस क्षेत्र में अलगाव की भावना बढ़ रही है।
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उन्होंने कहा, उन्हें (रशीद) बिना किसी और देरी के रिहा किया जाना चाहिए ताकि वे अपने लोगों की सेवा कर सकें। सांसदों ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से भी बातचीत की और कहा कि भारत के लोग कश्मीरियों के दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संबंधों का आधार बनने वाले समझौतों का सम्मान और आदर किया जाना चाहिए। सिंह ने आगे दावा किया कि रशीद की लगातार कैद जम्मू-कश्मीर के लोगों के जनादेश का अपमान है। लोगों ने जेल में होने के बावजूद उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वे बेज़ुबानों की आवाज बन गए थे।
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