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Srinagar News: आखिरी पल तक हैवान से जूझी थी मासूम
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श्रीनगर। बडगाम पुलिस ने मंगलवार को दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी मुदस्सिर का विवरण जारी किया। वहीं परिजन ने बच्ची से की गई हैवानियत के बारे में बताया। 12 साल की वह बच्ची अपनी आखिरी सांस तक हैवान से जूझती रही थी। वारदात के बाद से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री उमर और बडगाम विधायक आगा मुतंजिर मेहदी सहित अन्य लोग पीड़ित के घर पहुंचे और संवेदना जताई।
बडगाम पुलिस ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़ी शुरुआती मेडिकल-कानूनी, फोरेंसिक और सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान और विवरण पहले इसलिए जारी नहीं किए गए थे क्योंकि जांच के शुरुआती चरण में कई अहम कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, इस अपराध को अंजाम देने में शामिल आरोपी का विवरण जारी किया गया है।
23 मई को रात लगभग 10 बजे पुलिस स्टेशन बडगाम को एक सूचना मिली कि शाम के समय गलवानपोरा स्थित अपने घर से एक 12 वर्षीय नाबालिग किशोरी लापता हो गई है। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की और लापता लड़की का पता लगाने के लिए तुरंत एक गहन तलाशी और जांच अभियान शुरू किया।
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24 मई की सुबह नाबालिग लड़की का शव उसके घर से थोड़ी ही दूरी पर बरामद किया गया। इसके बाद जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया। जिला पुलिस बडगाम ने इस मामले में त्वरित, पेशेवर और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए डीएसपी मुख्यालय सज्जाद अहमद की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया।
जांच में अपराध स्थल की बारीकी से जांच, जैविक और भौतिक साक्ष्यों का संग्रह और विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों की जांच, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, मानवीय खुफिया जानकारी और लगातार फील्ड ऑपरेशन शामिल थे। जांच के दौरान, साक्ष्यों ने एक स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता की ओर इशारा किया। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनसे लगातार पूछताछ की गई। तकनीकी, भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के व्यवस्थित क्रॉस-सत्यापन और पुष्टि के माध्यम से जांच दल ने जांच को मुख्य संदिग्ध तक सीमित कर दिया।
आरोपी की पहचान मुदस्सिर अहमद मीर निवासी गलवानपोरा के रूप में हुई है। लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसके खुलासे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपराध को अंजाम देने से जुड़े और भी भौतिक साक्ष्य बरामद किए। अब तक की गई जांच से यह साबित हो गया है कि इस अपराध को अंजाम देने में आरोपी मुदस्सिर अहमद मीरनिवासी गालवानपोरा सेबदान के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल नहीं है।
वारदात के खुलासे के बाद लोगों में बढ़ा गुस्सा
परिजन और स्थानीय लोगों के अनुसार लड़की का शव खेत में पानी में पड़ा मिला था। उसकी बंद मुट्ठियों में खेत की घास थी। चेहरे पर चोट के निशान थे। लग रहा था कि मासूम ने मौत से पहले तक हैवान का विरोध किया था। इसके बाद से लोगों का रोष और बढ़ गया था। वहीं मामले के खुलासे के बाद बडगाम पुलिस ने जनता से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने तथा कानून को अपने हाथों में न लेने की भी अपील की है। बडगाम पुलिस जनता से अपील करती है कि वे शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखें, और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करें।
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बडगाम पुलिस ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़ी शुरुआती मेडिकल-कानूनी, फोरेंसिक और सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान और विवरण पहले इसलिए जारी नहीं किए गए थे क्योंकि जांच के शुरुआती चरण में कई अहम कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, इस अपराध को अंजाम देने में शामिल आरोपी का विवरण जारी किया गया है।
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23 मई को रात लगभग 10 बजे पुलिस स्टेशन बडगाम को एक सूचना मिली कि शाम के समय गलवानपोरा स्थित अपने घर से एक 12 वर्षीय नाबालिग किशोरी लापता हो गई है। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की और लापता लड़की का पता लगाने के लिए तुरंत एक गहन तलाशी और जांच अभियान शुरू किया।
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24 मई की सुबह नाबालिग लड़की का शव उसके घर से थोड़ी ही दूरी पर बरामद किया गया। इसके बाद जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया। जिला पुलिस बडगाम ने इस मामले में त्वरित, पेशेवर और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए डीएसपी मुख्यालय सज्जाद अहमद की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया।
जांच में अपराध स्थल की बारीकी से जांच, जैविक और भौतिक साक्ष्यों का संग्रह और विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों की जांच, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, मानवीय खुफिया जानकारी और लगातार फील्ड ऑपरेशन शामिल थे। जांच के दौरान, साक्ष्यों ने एक स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता की ओर इशारा किया। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनसे लगातार पूछताछ की गई। तकनीकी, भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के व्यवस्थित क्रॉस-सत्यापन और पुष्टि के माध्यम से जांच दल ने जांच को मुख्य संदिग्ध तक सीमित कर दिया।
आरोपी की पहचान मुदस्सिर अहमद मीर निवासी गलवानपोरा के रूप में हुई है। लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसके खुलासे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपराध को अंजाम देने से जुड़े और भी भौतिक साक्ष्य बरामद किए। अब तक की गई जांच से यह साबित हो गया है कि इस अपराध को अंजाम देने में आरोपी मुदस्सिर अहमद मीरनिवासी गालवानपोरा सेबदान के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल नहीं है।
वारदात के खुलासे के बाद लोगों में बढ़ा गुस्सा
परिजन और स्थानीय लोगों के अनुसार लड़की का शव खेत में पानी में पड़ा मिला था। उसकी बंद मुट्ठियों में खेत की घास थी। चेहरे पर चोट के निशान थे। लग रहा था कि मासूम ने मौत से पहले तक हैवान का विरोध किया था। इसके बाद से लोगों का रोष और बढ़ गया था। वहीं मामले के खुलासे के बाद बडगाम पुलिस ने जनता से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने तथा कानून को अपने हाथों में न लेने की भी अपील की है। बडगाम पुलिस जनता से अपील करती है कि वे शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखें, और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करें।