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डीएनए परीक्षण के लिए पांच दिन बाद कब्र से निकाला शिशु का शव
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श्रीनगर। डीएनए परीक्षण के लिए एक शिशु के शव को करीब पांच दिन बाद कब्र से निकाला गया। बडगाम के एक परिवार के आरोप के बाद यह कार्रवाई की गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें जेवीसी अस्पताल में बच्चे के बजाय बच्ची का शव दिया गया था।
अधिकारी ने कहा, चूंकि परिवार ने अस्पताल के अधिकारियों पर शिशु की अदला-बदली करने का आरोप लगाया है। इसलिए डीएनए परीक्षण के लिए शव को बाहर निकालने का फैसला किया गया ताकि सच्चाई सामने आ सके। अधिकारी ने कहा कि जेवीसी की मेडिकल टीम, परिवार के सदस्यों और कुछ स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया।
बता दें, पिछले हफ्ते बडगाम के पुतलीबाग इलाके के एक परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें बच्चे की जगह बच्ची का शव दिया गया। आरोपों के बाद शव को बाहर निकालने और डीएनए नमूना लेने के लिए चार डॉक्टरों सहित एक फोरेंसिक टीम का गठन किया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि डीएनए मैपिंग कुछ दिनों में होगी और अंतिम रिपोर्ट करीब 15 दिन के भीतर आने की उम्मीद है।
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अधिकारी ने कहा, चूंकि परिवार ने अस्पताल के अधिकारियों पर शिशु की अदला-बदली करने का आरोप लगाया है। इसलिए डीएनए परीक्षण के लिए शव को बाहर निकालने का फैसला किया गया ताकि सच्चाई सामने आ सके। अधिकारी ने कहा कि जेवीसी की मेडिकल टीम, परिवार के सदस्यों और कुछ स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया।
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बता दें, पिछले हफ्ते बडगाम के पुतलीबाग इलाके के एक परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें बच्चे की जगह बच्ची का शव दिया गया। आरोपों के बाद शव को बाहर निकालने और डीएनए नमूना लेने के लिए चार डॉक्टरों सहित एक फोरेंसिक टीम का गठन किया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि डीएनए मैपिंग कुछ दिनों में होगी और अंतिम रिपोर्ट करीब 15 दिन के भीतर आने की उम्मीद है।
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