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डल किनारे तीन किमी के दायरे में तिरंगा ही तिरंगा, वॉकथॉन में दिखा देशभक्ति का जज्बा
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श्रीनगर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान में रविवार की सुबह डल झील किनारे लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में चारों ओर केवल तिरंगे ही तिरंगे नजर आए। देशभक्ति से ओतप्रोत लोग भारत माता की जय के नारे लगाते चल रहे थे। मौका था उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में ललित घाट से बॉटनिकल गार्डन तक निकाली गई वॉकथॉन का।
इस दौरान उप राज्यपाल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव आशाओं और सपनों का एक नया सवेरा है। यह रैली वीर शहीद स्वतंत्रता सेनानियों और सुरक्षाबलों को श्रद्धांजलि है। साथ ही आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर बनाने के संकल्प का भी प्रतीक है। आजादी के अमृत महोत्सव ने हमें अपने नायकों और शहीदों के अमूल्य योगदान के बारे में जागरूक करके आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर प्रदान किया है। हम एक महान राष्ट्र के नागरिक हैं जहां पवित्र भूमि का हर इंच प्राचीन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं से भरपूर है। हर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर इतिहास रच रहा है।
महात्मा गांधी को किया याद
उपराज्यपाल ने 8 अगस्त, 1942 को टैंक मैदान मुंबई में दिए गए महात्मा गांधी के शब्दों को याद किया, जिसने पूरे देश में लोगों को ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि आज हमारा वॉकथॉन महात्मा गांधी के संकल्प और संघर्ष का प्रतीक है। यह हमारी सेना, पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों के वीर जवानों के त्याग और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। वॉकथॉन के दौरान मौजूद 1971 के युद्ध के दिग्गजों को संबोधित करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि मैं उन सभी को सलाम करता हूं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है और देश को सुरक्षित रख रहे हैं। हमारे नायकों को याद करना नए विचारों को प्रज्ज्वलित करता है और जन जागरण की भावना को फि र से जगाता है। यह वॉकथॉन हमारे सुरक्षाबलों, स्वतंत्रता सेनानियों को एक श्रद्धांजलि है और एक आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के निर्माण के हमारे संकल्प का भी प्रतीक है।
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पूर्वजों से लें प्रेरणा
उन्होंने सभी से पूर्वजों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया, जिन्होंने स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए और 2047 के सुनहरे जम्मू और कश्मीर के दायित्वों को पूरा करने के महत्वपूर्ण बलिदान दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया का सबसे बड़ा जन अभियान ‘हर घर तिरंगा उत्सव’ शुरू किया है, जिसमें जम्मू कश्मीर सहित देशभर के लोग गवाह बन रहे हैं। जम्मू-कश्मीर हर क्षेत्र में इतिहास रच रहा है।
तिरंगे के सम्मान को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता व डीजीपी दिलबाग सिंह ने हर घर तिरंगा वॉकथॉन के प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। कहा कि तिरंगे के सम्मान को बनाए रखना न केवल सुरक्षाबलों, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। इस अवसर मेयर जुनैद अजीम मट्टू, जम्मू-कश्मीर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की उपाध्यक्ष डॉ. हिना शफी भट, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. द्राक्षां अंद्राबी, कश्मीर विश्वविद्यालय कीकुलपति प्रो. नीलोफ र खान, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर के गोयल, संभागीय आयुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोल, जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह औजला, एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने भी रैली में भाग लिया। बीएसएफ के आईजी फ्रं टियर राजा बाबू ने धन्यवाद ज्ञापन और डीआईजी सचेंद्र सिंह चंदेल ने स्वागत किया।
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इस दौरान उप राज्यपाल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव आशाओं और सपनों का एक नया सवेरा है। यह रैली वीर शहीद स्वतंत्रता सेनानियों और सुरक्षाबलों को श्रद्धांजलि है। साथ ही आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर बनाने के संकल्प का भी प्रतीक है। आजादी के अमृत महोत्सव ने हमें अपने नायकों और शहीदों के अमूल्य योगदान के बारे में जागरूक करके आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर प्रदान किया है। हम एक महान राष्ट्र के नागरिक हैं जहां पवित्र भूमि का हर इंच प्राचीन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं से भरपूर है। हर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर इतिहास रच रहा है।
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महात्मा गांधी को किया याद
उपराज्यपाल ने 8 अगस्त, 1942 को टैंक मैदान मुंबई में दिए गए महात्मा गांधी के शब्दों को याद किया, जिसने पूरे देश में लोगों को ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा कि आज हमारा वॉकथॉन महात्मा गांधी के संकल्प और संघर्ष का प्रतीक है। यह हमारी सेना, पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों के वीर जवानों के त्याग और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। वॉकथॉन के दौरान मौजूद 1971 के युद्ध के दिग्गजों को संबोधित करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि मैं उन सभी को सलाम करता हूं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है और देश को सुरक्षित रख रहे हैं। हमारे नायकों को याद करना नए विचारों को प्रज्ज्वलित करता है और जन जागरण की भावना को फि र से जगाता है। यह वॉकथॉन हमारे सुरक्षाबलों, स्वतंत्रता सेनानियों को एक श्रद्धांजलि है और एक आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के निर्माण के हमारे संकल्प का भी प्रतीक है।
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पूर्वजों से लें प्रेरणा
उन्होंने सभी से पूर्वजों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया, जिन्होंने स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए और 2047 के सुनहरे जम्मू और कश्मीर के दायित्वों को पूरा करने के महत्वपूर्ण बलिदान दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया का सबसे बड़ा जन अभियान ‘हर घर तिरंगा उत्सव’ शुरू किया है, जिसमें जम्मू कश्मीर सहित देशभर के लोग गवाह बन रहे हैं। जम्मू-कश्मीर हर क्षेत्र में इतिहास रच रहा है।
तिरंगे के सम्मान को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता व डीजीपी दिलबाग सिंह ने हर घर तिरंगा वॉकथॉन के प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। कहा कि तिरंगे के सम्मान को बनाए रखना न केवल सुरक्षाबलों, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। इस अवसर मेयर जुनैद अजीम मट्टू, जम्मू-कश्मीर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की उपाध्यक्ष डॉ. हिना शफी भट, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. द्राक्षां अंद्राबी, कश्मीर विश्वविद्यालय कीकुलपति प्रो. नीलोफ र खान, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर के गोयल, संभागीय आयुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोल, जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह औजला, एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने भी रैली में भाग लिया। बीएसएफ के आईजी फ्रं टियर राजा बाबू ने धन्यवाद ज्ञापन और डीआईजी सचेंद्र सिंह चंदेल ने स्वागत किया।