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सोशल मीडिया यूजर्स को निशाना बनाकर भय पैदा कर रहे आतंकी
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श्रीनगर। कश्मीर घाटी में आतंकवाद धीरे-धीरे एक भयानक रूप लेता नजर आ रहा है। चाडूरा (बडगाम) में अमरीन भट की हत्या इस महीने में दूसरी और मई के महीने में घाटी में यह छठी हत्या थी। आतंकवादियों द्वारा आसान लक्ष्य को निशाना बनाया जा रहा हैं। इनमें छुट्टी पर घर आए पुलिस व सैन्य कर्मी और ऐसे सोशल मीडिया यूजर्स हैं जिनकी सोशल मीडिया पर काफी फैन फ्लोइंग रहती हैं ताकि इनको निशाना बनाये जाने से डर और भय का माहौल पैदा किया जाए।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली कलाकार अमरीन भट्ट की हत्या घाटी में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले यूजर की दूसरी हत्या है। इससे पहले 27 जुलाई, 2021 को डाउनटाउन के नवाकदल के मीरान अली पठान की गोली मारकर हत्या की गई थी जिसकी लश्कर के टीआरएफ संगठन द्वारा जिम्मेदारी ली गई थी। हालांकि मीरान के हत्यारों को नवम्बर 2021 में ही सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के रामबाग इलाक़े में एक मुठभेड़ में मार गिराया था।
इस बीच टीवी और सोशल मीडिया अदाकारा अमरीन भट की चाडूरा बड़गाम में हत्या के महज 24 घंटों के भीतर ही सुरक्षाबलों ने पुलवामा के अवंतिपोरा में एक मुठभेड़ में अमरीन के हत्यारों को ढेर करने का दावा किया है।
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अमरीन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी। पहले टिक-टॉक, फिर इंस्टाग्राम और अब यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म पर अपने वीडियो को लेकर मशहूर थीं। उनके फॉलोअर्स की संख्या भी काफी थी। पिता खजर मोहम्मद का कहना है कि वह अमरीन को बेटी नहीं बेटा ही मानते थे, क्योंकि वह बेटी होने के बावजूद एक बेटे की तरह अपनी जिम्मेदारी पूरा कर रही थी। उसकी मां का इंतकाल कई साल पहले हो गया था।
लक्षित हत्याओं के पीछे हाइब्रिड आतंकी
घाटी में इस वर्ष में अभी तक देखा जाये तो लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग्स) की 14 वारदातें हुई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इसके पीछे हाइब्रिड आतंकवादियों को जिम्मेदार मानते हैं जो अपने टास्क को पूरा करने के बाद सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं और ऐसे में बिना ट्रैक रिकॉर्ड के उन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार एक अन्य कारण है हाइब्रिड आतंकवादियों द्वारा पिस्तौल का उपयोग करना जिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना काफी आसान भी है और इसके चलते आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली कलाकार अमरीन भट्ट की हत्या घाटी में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले यूजर की दूसरी हत्या है। इससे पहले 27 जुलाई, 2021 को डाउनटाउन के नवाकदल के मीरान अली पठान की गोली मारकर हत्या की गई थी जिसकी लश्कर के टीआरएफ संगठन द्वारा जिम्मेदारी ली गई थी। हालांकि मीरान के हत्यारों को नवम्बर 2021 में ही सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के रामबाग इलाक़े में एक मुठभेड़ में मार गिराया था।
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इस बीच टीवी और सोशल मीडिया अदाकारा अमरीन भट की चाडूरा बड़गाम में हत्या के महज 24 घंटों के भीतर ही सुरक्षाबलों ने पुलवामा के अवंतिपोरा में एक मुठभेड़ में अमरीन के हत्यारों को ढेर करने का दावा किया है।
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अमरीन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी। पहले टिक-टॉक, फिर इंस्टाग्राम और अब यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म पर अपने वीडियो को लेकर मशहूर थीं। उनके फॉलोअर्स की संख्या भी काफी थी। पिता खजर मोहम्मद का कहना है कि वह अमरीन को बेटी नहीं बेटा ही मानते थे, क्योंकि वह बेटी होने के बावजूद एक बेटे की तरह अपनी जिम्मेदारी पूरा कर रही थी। उसकी मां का इंतकाल कई साल पहले हो गया था।
लक्षित हत्याओं के पीछे हाइब्रिड आतंकी
घाटी में इस वर्ष में अभी तक देखा जाये तो लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग्स) की 14 वारदातें हुई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इसके पीछे हाइब्रिड आतंकवादियों को जिम्मेदार मानते हैं जो अपने टास्क को पूरा करने के बाद सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं और ऐसे में बिना ट्रैक रिकॉर्ड के उन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार एक अन्य कारण है हाइब्रिड आतंकवादियों द्वारा पिस्तौल का उपयोग करना जिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना काफी आसान भी है और इसके चलते आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।