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यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा की घोषणा के बाद दूसरे दिन भी श्रीनगर में दिखा आंशिक बंद
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श्रीनगर। टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की विशेष अदालत में अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के दूसरे दिन वीरवार को श्रीनगर के कई इलाकों में बंद का असर दिखा। जेकेएलएफ का गढ़ माने जाने वाले श्रीनगर के माइसुमा सहित लाल चौक, अमीराकदल, हरी सिंह हाई स्ट्रीट और आसपास के अन्य इलाकों में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि सिविल लाइंस इलाकों में अधिकतर दुकानें और कारोबारी अदारे खुले दिखे। सड़कों पर गाड़ियों की सामान्य आवाजाही जारी रही।
यासीन मलिक को मिली सजा से विभिन्न आतंकी गुटों और अलगाववादी खेमे में बौखलाहट के बाद हिंसा भड़कने की संभावना को ध्यान में रखकर श्रीनगर शहर के संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। ऐसे में इन इलाकों में अतरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच जवानों को सतर्क रहने के आदेश भी दिए गए थे। जेकेएलएफ के गढ़ माइसुमा की ओर जाने वाला एक रास्ता भी सील किया गया था और हर एक पर पैनी नजर बनाई गई थी। जगह-जगह विशेष नाके स्थापित किए गए हैं। आने-जाने वाले लोगों की गहन तलाशी ली जा रही है।
बता दें कि श्रीनगर के माइसुमा इलाके में यासीन मलिक का घर है और यहां उसके काफी संख्या में समर्थक रहते हैं। इससे पहले बुधवार को यासीन मलिक को सजा सुनाये जाने से पहले माइसुमा इलाके में कुछ देर के लिए हालात बेकाबू हो गए थे। यहां प्रदर्शनकारी भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया था। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा था।
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यासीन मलिक को मिली सजा से विभिन्न आतंकी गुटों और अलगाववादी खेमे में बौखलाहट के बाद हिंसा भड़कने की संभावना को ध्यान में रखकर श्रीनगर शहर के संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। ऐसे में इन इलाकों में अतरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच जवानों को सतर्क रहने के आदेश भी दिए गए थे। जेकेएलएफ के गढ़ माइसुमा की ओर जाने वाला एक रास्ता भी सील किया गया था और हर एक पर पैनी नजर बनाई गई थी। जगह-जगह विशेष नाके स्थापित किए गए हैं। आने-जाने वाले लोगों की गहन तलाशी ली जा रही है।
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बता दें कि श्रीनगर के माइसुमा इलाके में यासीन मलिक का घर है और यहां उसके काफी संख्या में समर्थक रहते हैं। इससे पहले बुधवार को यासीन मलिक को सजा सुनाये जाने से पहले माइसुमा इलाके में कुछ देर के लिए हालात बेकाबू हो गए थे। यहां प्रदर्शनकारी भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया था। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा था।
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