{"_id":"61d35b6b2f7bb010d14cf8e6","slug":"jammu-kashmir-news-shrinagar-news-jmu2511818105","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरसलान की रिहाई के लिए महबूबा ने शाह को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरसलान की रिहाई के लिए महबूबा ने शाह को लिखा पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)
द्वारा गिरफ्तार किए गए अरसलान फिरोज के मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। एनआईए ने दावा किया था कि वह लश्कर के सहयोगी संगठन टीआरएफ का सदस्य था।
एनआईए ने 30 दिसंबर को श्रीनगर के एमआर गंज में एक दबिश के दौरान फिरोज अहमद के बेटे अरसलान को गिरफ्तार किया था। यह दबिश
जम्मू-कश्मीर में हिंसक गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, प्रेरित करने और भर्ती करने के लिए रची गई साजिश से संबंधित एक मामले में दी गई थी। अरसलान के पिता सहित परिवार पूरे परिवार ने सोमवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा से मुलाकात की। थी। इससे एक दिन पहले परिवार ने प्रेस एन्क्लेव में प्रदर्शन किया था। महबूबा ने अपने पत्र में लिखा कि मैं आपको श्रीनगर के एक उन्नीस वर्षीय छात्र की गिरफ्तारी के बारे में लिख रही हूं। अरसलान फिरोज को पहली बार 21 अक्टूबर 2021 को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था। चालीस दिनों के बाद उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया था, क्योंकि उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला था। आज तक इस युवा लड़के के खिलाफ किसी भी पुलिस रिकॉर्ड में कोई प्राथमिकी या मामला दर्ज नहीं किया गया है। परंतु हाल ही में एक बार फिर एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले हिरासत में होने के कारण अरसलान अपनी बारहवीं कक्षा की परीक्षा नहीं दे सका है। उसे टीआरएफ कार्यकर्ता बताया जा रहा है।उन्होंने इसे त्रासदी बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों के उसके और उसके परिवार के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने गृह मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले में जल्द से जल्द उसकी रिहाई सुनिश्चित कराएं।
विज्ञापन
द्वारा गिरफ्तार किए गए अरसलान फिरोज के मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। एनआईए ने दावा किया था कि वह लश्कर के सहयोगी संगठन टीआरएफ का सदस्य था।
एनआईए ने 30 दिसंबर को श्रीनगर के एमआर गंज में एक दबिश के दौरान फिरोज अहमद के बेटे अरसलान को गिरफ्तार किया था। यह दबिश
जम्मू-कश्मीर में हिंसक गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, प्रेरित करने और भर्ती करने के लिए रची गई साजिश से संबंधित एक मामले में दी गई थी। अरसलान के पिता सहित परिवार पूरे परिवार ने सोमवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा से मुलाकात की। थी। इससे एक दिन पहले परिवार ने प्रेस एन्क्लेव में प्रदर्शन किया था। महबूबा ने अपने पत्र में लिखा कि मैं आपको श्रीनगर के एक उन्नीस वर्षीय छात्र की गिरफ्तारी के बारे में लिख रही हूं। अरसलान फिरोज को पहली बार 21 अक्टूबर 2021 को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था। चालीस दिनों के बाद उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया था, क्योंकि उनके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला था। आज तक इस युवा लड़के के खिलाफ किसी भी पुलिस रिकॉर्ड में कोई प्राथमिकी या मामला दर्ज नहीं किया गया है। परंतु हाल ही में एक बार फिर एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले हिरासत में होने के कारण अरसलान अपनी बारहवीं कक्षा की परीक्षा नहीं दे सका है। उसे टीआरएफ कार्यकर्ता बताया जा रहा है।उन्होंने इसे त्रासदी बताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों के उसके और उसके परिवार के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने गृह मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले में जल्द से जल्द उसकी रिहाई सुनिश्चित कराएं।
विज्ञापन