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लद्दाख में विश्व की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना की तैयारी
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लेह/जम्मू। लद्दाख में विश्व की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना के लिए कवायद तेज हो गई है। सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) ने परियोजना का फील्ड सर्वे पूरा कर लिया है। पांच हजार मेगावाट (पांच गीगावाट) क्षमता वाली परियोजना पर 50 हजार करोड़ रुपये की लागत आनी है। अब लद्दाख प्रशासन ने राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द मुकम्मल करने पर जोर दिया है। मंगलवार को लद्दाख प्रशासन के प्रमुख सचिव डॉ. पवन कोतवाल की अध्यक्षता में बैठक के दौरान परियोजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें एसईसीआई के निदेशक भी ऑनलाइन शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि पंग और खरनाक गांवों में पांच गीगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए एसईसीआई ने फील्ड सर्वे पूरा कर लिया है। भूमि अधिग्रहण के लिए स्थानीय ग्रामीण तैयार और उत्साहित हैं। डॉ. कोतवाल ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल बनाने में मदद मिलेगी। एक तरफ लद्दाख की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, वहीं दूसरी ओर यहां से बिजली देश भर में सप्लाई होगी। बिजली विभाग के सचिव रविंदर डांगी ने बताया कि परियोजना के लिए प्रारंभिक कार्य प्रगति पर हैं। एसईसीआई प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ बातचीत कर ली है।
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लद्दाखियों को मिलेगा रोजगार
पांच हजार मेगावाट क्षमता की परियोजना में लद्दाखियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके लिए एसईसीआई ने आश्वासन दिया है। परियोजना स्थापित करने से लेकर रखरखाव और मरम्मत के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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बैठक में बताया गया कि पंग और खरनाक गांवों में पांच गीगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना के लिए एसईसीआई ने फील्ड सर्वे पूरा कर लिया है। भूमि अधिग्रहण के लिए स्थानीय ग्रामीण तैयार और उत्साहित हैं। डॉ. कोतवाल ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल बनाने में मदद मिलेगी। एक तरफ लद्दाख की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, वहीं दूसरी ओर यहां से बिजली देश भर में सप्लाई होगी। बिजली विभाग के सचिव रविंदर डांगी ने बताया कि परियोजना के लिए प्रारंभिक कार्य प्रगति पर हैं। एसईसीआई प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ बातचीत कर ली है।
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लद्दाखियों को मिलेगा रोजगार
पांच हजार मेगावाट क्षमता की परियोजना में लद्दाखियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके लिए एसईसीआई ने आश्वासन दिया है। परियोजना स्थापित करने से लेकर रखरखाव और मरम्मत के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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