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दुर्गम गुरेज में भी घर-घर पहुंच लगाया कोरोना टीका
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श्रीनगर। एलओसी से लगते बांदीपोरा जिले के दूरदराज के गुरेज में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम किशनगंगा नदी पार कर पहाड़ियों से होते हुए गांव-गांव पहुंचकर लोगों को कोरोना टीका लगा रही है। समुद्रतल से 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सुदूर के गांवों तक पहुंचकर टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बिना टीका के रह न जाए।
गुरेज का इलाका काफी दुरुह है। बांदीपोरा जिला मुख्यालय से 85 किलोमीटर दूर यहां पहाड़ियों पर लोग दूर-दूर बसे हुए हैं। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने कहा था कि कोरोना को मात देने के लिए पांच सूत्री रणनीति में से टीकाकरण एक है। 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का तेजी से टीकाकरण हो रहा है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। बांदीपोरा का स्वास्थ्य विभाग टीम भावना के साथ गुरेज जैसे सुदूर इलाकों में भी घर-घर पहुंचकर टीका लगाने में जुटा है। बांदीपोरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बसीर अहमद का कहना है कि इस प्रयास की वजह से ही गुरेज घाटी में 45 साल से ऊपर के लोगों को शत-प्रतिशत टीका लगाने के करीब पहुंच गए हैं।
स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। किलशय गांव के लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सरकार ने हम लोगों को भगवान की दया पर नहीं छोड़ा। उनके कोरोना वारियर्स मेडिकल किट के साथ अपनी जान जोखिम में डाल यहां पहुंचे और हमारी जान बचाने की खातिर टीकाकरण किया।
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स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता से लगा पहला डोज
स्वास्थ्य कर्मी मोहम्मद सरवर लोन तथा बसीर अहमद की प्रतिबद्धता की वजह से कनेक्टिविटी न होने पाने के बावजूद किलशय गांव के लोगों को कोराना टीका का पहला डोज लगा। इनका कहना है कि वे न तो बैठे रह सकते हैं और न ही आराम से रह सकते हैं। हमारे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। यदि लोग हमारे पास किसी कारण से नहीं पहुंच पा रहे हैं तो हम उन तक किसी भी चुनौतियों का सामना करते हुए पहुंचेंगे। केवल गुरेज ही नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न कोनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम के वीडियो तथा फोटो रोजाना सामने आ रहे हैं जिसमें वे अपनी ड्यूटी से बढ़कर लोगों की जान बचाने की खातिर सेवा कर रहे हैं।
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गुरेज का इलाका काफी दुरुह है। बांदीपोरा जिला मुख्यालय से 85 किलोमीटर दूर यहां पहाड़ियों पर लोग दूर-दूर बसे हुए हैं। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने कहा था कि कोरोना को मात देने के लिए पांच सूत्री रणनीति में से टीकाकरण एक है। 45 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों का तेजी से टीकाकरण हो रहा है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। बांदीपोरा का स्वास्थ्य विभाग टीम भावना के साथ गुरेज जैसे सुदूर इलाकों में भी घर-घर पहुंचकर टीका लगाने में जुटा है। बांदीपोरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बसीर अहमद का कहना है कि इस प्रयास की वजह से ही गुरेज घाटी में 45 साल से ऊपर के लोगों को शत-प्रतिशत टीका लगाने के करीब पहुंच गए हैं।
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स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। किलशय गांव के लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सरकार ने हम लोगों को भगवान की दया पर नहीं छोड़ा। उनके कोरोना वारियर्स मेडिकल किट के साथ अपनी जान जोखिम में डाल यहां पहुंचे और हमारी जान बचाने की खातिर टीकाकरण किया।
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स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता से लगा पहला डोज
स्वास्थ्य कर्मी मोहम्मद सरवर लोन तथा बसीर अहमद की प्रतिबद्धता की वजह से कनेक्टिविटी न होने पाने के बावजूद किलशय गांव के लोगों को कोराना टीका का पहला डोज लगा। इनका कहना है कि वे न तो बैठे रह सकते हैं और न ही आराम से रह सकते हैं। हमारे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। यदि लोग हमारे पास किसी कारण से नहीं पहुंच पा रहे हैं तो हम उन तक किसी भी चुनौतियों का सामना करते हुए पहुंचेंगे। केवल गुरेज ही नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न कोनों से स्वास्थ्य विभाग की टीम के वीडियो तथा फोटो रोजाना सामने आ रहे हैं जिसमें वे अपनी ड्यूटी से बढ़कर लोगों की जान बचाने की खातिर सेवा कर रहे हैं।