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श्रीनगर में आतंकियों की तलाश में 20 घंटे चला ऑपरेशन

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jammu kashmir news
श्रीनगर। शहर के बाहरी क्षेत्र जकूरा के गुलाब बाग इलाके में आतंकियों की तलाश में सुरक्षा बलों ने करीब 20 घंटे अभियान चलाया। उस घर पर भी चेतावनी फायर किए गए जिसमें आतंकियों के छिपे होने की आशंका थी, लेकिन आतंकियों की तरफ से कोई जवाबी कार्रवाई न होने से अभियान को स्थगित कर दिया गया। अभियान मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ था और बुधवार शाम तक जारी रहा। पता चला है कि दो आतंकी रात में ही अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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सुरक्षाबलों को गुलाब बाग इलाके के हमदान कॉलोनी में मंगलवार देर शाम आतंकियों की मूवमेंट की खबर मिली थी। इस सूचना के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम ने इलाके की घेराबंदी की और साझा तलाशी अभियान चलाया। एक अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुआ था। तेज बारिश के बीच इस ऑपरेशन को रात भर जारी रखा गया। इस दौरान फ्लड लाइट्स भी लगाई गई ताकि रात में आतंकी भाग न सकें। सुरक्षाबलों द्वारा कई बार चेतावनी फायर भी किए गए लेकिन कोई जवाबी कार्रवाई आतंकियों की ओर से नहीं की गई।
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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घर में दो आतंकियों के छुपे होने की पुष्टि की थी। ऑपरेशन को बुधवार को फिर से शुरू किया गया। घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार सुरक्षाबलों द्वारा उस मकान की ओर कई आंसू गैस के गोले और यूबीजीएल दागे गए जहां आतंकियों के छिपे होने का शक था। कई बार फायरिंग की गई लेकिन आतंकियों की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गई।
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मीडिया को मुठभेड़स्थल से दूर रहने की सलाह
ऑपरेशन के शुरू होने के बाद ही जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने मीडिया को मुठभेड़ स्थल से दूर रहने की सलाह दी थी। कहा था कि मीडिया मुठभेड़ स्थल से दूर रहे और लाइव कवरेज न करे। उन्होंने यह भी कहा कि भाषा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उचित प्रतिबंधों के अधीन है, जिसका अनुच्छेद 21 के तहत अन्य लोगों के जीवन के अधिकार की गारंटी या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। यह भी कहा था कि मुठभेड़ स्थल पर पुलिस और सुरक्षाबलों की पेशेवर ड्यूटी में हस्तक्षेप न करें। ऐसा कोई ऑपरेशनल कंटेंट नहीं लिया जाना चाहिए जिससे हिंसा भड़कने की संभावना हो या जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़े या जो राष्ट्र विरोधी भावना को बढ़ावा देता हो।
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