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जम्मू कश्मीर: जनजातीय आबादी के लिए प्रगति, समृद्धि और आशा का एक नया युग हुआ शुरू- उपराज्यपाल
Fri, 23 Feb 2024 03:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 23 Feb 2024 03:23 PM IST
सार
कश्मीर संभाग के विभिन्न हिस्सों से आए समुदाय के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी, पडरी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
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lg manoj sinha
- फोटो : डीपीआईआर, जम्मू कश्मीर
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विस्तार
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन श्रीनगर में कश्मीर संभाग से पहाड़ी समुदाय के 160 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार एसटी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। यह केंद्र शासित प्रदेश की जनजातीय आबादी के लिए प्रगति, समृद्धि, स्थिरता और आशा का एक नया युग है।
कश्मीर संभाग के विभिन्न हिस्सों से आए समुदाय के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी, पडरी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। पूर्व आईजीपी राजा ऐजाज अली ने कहा, यह जम्मू-कश्मीर की पहाड़ी आबादी के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। दशकों तक पहाड़ियों की उपेक्षा की गई, लेकिन अब अगले 10 वर्षों में हम अपने जीवन में काफी बदलाव देखेंले।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल अब्दुल माजिद जिंदादिल ने कहा, पीएम के नेतृत्व में 70 से अधिक वर्षों के संघर्ष के बाद पहाड़ों को वास्तविक अर्थों में आजादी मिली है। अनंतनाग के बशीर अहमद खान ने कहा, दशकों तक हमारी आवाज दबाई गई, लेकिन उप राज्यपाल के प्रयासों के कारण हमें हमारा उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।
ओबीसी के प्रतिनिधिमंडल ने आरक्षण के लिए एलजी का जताया आभार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को राजभवन श्रीनगर में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। समुदाय के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर की पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में आरक्षण के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उपराज्यपाल ने कहा, हम भी देश के अन्य राज्यों की तरह पिछड़ा कल्याण विभाग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित अधिनियम को अक्षरश: लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नियम बनाए जा रहे हैं और जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे। उपराज्यपाल ने कहा, यह समाज के वंचित वर्गों के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में त्वरित विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया है और जम्मू कश्मीर में शांति और सद्भाव स्थापित किया है। जम्मू कश्मीर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण संघ के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल अहंगर ने ओबीसी समुदाय का आर्थिक और सामाजिक-राजनीतिक उत्थान और सामाजिक सुधार के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पिछले चार साल वास्तव में "4 साल बेमिसाल" रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ओबीसी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शफी शमा ने जम्मू-कश्मीर में ओबीसी समुदाय को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को धन्यवाद दिया। शब्बीर अहमद ने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी दशकों पुरानी पीड़ा को कम किया है और समुदाय को न्याय प्रदान किया है। बातचीत के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से ओबीसी के 150 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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कश्मीर संभाग के विभिन्न हिस्सों से आए समुदाय के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी, पडरी, कोली और गद्दा ब्राह्मणों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। पूर्व आईजीपी राजा ऐजाज अली ने कहा, यह जम्मू-कश्मीर की पहाड़ी आबादी के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
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पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। दशकों तक पहाड़ियों की उपेक्षा की गई, लेकिन अब अगले 10 वर्षों में हम अपने जीवन में काफी बदलाव देखेंले।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल अब्दुल माजिद जिंदादिल ने कहा, पीएम के नेतृत्व में 70 से अधिक वर्षों के संघर्ष के बाद पहाड़ों को वास्तविक अर्थों में आजादी मिली है। अनंतनाग के बशीर अहमद खान ने कहा, दशकों तक हमारी आवाज दबाई गई, लेकिन उप राज्यपाल के प्रयासों के कारण हमें हमारा उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।
ओबीसी के प्रतिनिधिमंडल ने आरक्षण के लिए एलजी का जताया आभार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को राजभवन श्रीनगर में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। समुदाय के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर की पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में आरक्षण के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उपराज्यपाल ने कहा, हम भी देश के अन्य राज्यों की तरह पिछड़ा कल्याण विभाग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित अधिनियम को अक्षरश: लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नियम बनाए जा रहे हैं और जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे। उपराज्यपाल ने कहा, यह समाज के वंचित वर्गों के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में त्वरित विकास, बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया है और जम्मू कश्मीर में शांति और सद्भाव स्थापित किया है। जम्मू कश्मीर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण संघ के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल अहंगर ने ओबीसी समुदाय का आर्थिक और सामाजिक-राजनीतिक उत्थान और सामाजिक सुधार के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पिछले चार साल वास्तव में "4 साल बेमिसाल" रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ओबीसी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शफी शमा ने जम्मू-कश्मीर में ओबीसी समुदाय को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को धन्यवाद दिया। शब्बीर अहमद ने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी दशकों पुरानी पीड़ा को कम किया है और समुदाय को न्याय प्रदान किया है। बातचीत के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों से ओबीसी के 150 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।