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Jammu Kashmir: हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में बदला फैसला, चार दोषियों के मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदली
Sat, 19 Oct 2024 05:37 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:37 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कुपवाड़ा में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में चार दोषियों की मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने कुपवाड़ा जिले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी चार व्यक्तियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय उच्च न्यायालय ने 2007 में हंदवाड़ा क्षेत्र में 14 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में सुनाया है।
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मामले में दोषी ठहराए गए चार व्यक्तियों में मोहम्मद सदीक मीर, जहांगीर अंसारी, आजार अहमद मीर और सुरेश कुमार सासी शामिल हैं। इन चारों को 2015 में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने का निर्णय लिया गया है। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों को कम से कम 25 वर्ष तक कोई छूट नहीं दी जाएगी।
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इस फैसले के बाद न्यायालय ने समाज में महिलाओं और नाबालिगों के प्रति सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है, ताकि समाज में न्याय का एहसास हो सके और भविष्य में इस तरह के अपराधों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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