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Srinagar News: तापमान ने बढ़ाया बिजली का लोड, 600 मेगावाट की अतिरिक्त जरूरत, खरीद की तैयारी
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प्रदेश में है 2,400 मेगावाट लोड, 3,000 मेगावाट की हो रही खपत
- जम्मू संभाग के शहरों में डेढ़ से तीन घंटा तक कटौती, गांवों में पांच से छह घंटे के कट
-चिनाब बेसिन की नदियों में घटा जल बहाव, बिजली उत्पादन पर पड़ रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में गर्मी बढ़ने से बिजली लोड बढ़ गया है। अब प्रदेश को 600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत है। इसकी आपूर्ति के लिए बिजली विभाग कटाैती का सहारा ले रहा है। जम्मू संभाग में तीन घंटे तो ग्रामीण इलाकों में पांच घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।
बिजली कटौती पर सबसे बड़ा असर चिनाब बेसिन की नदियों में जल बहाव कम होने से हुआ है। इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है। बिजली की आपूर्ति के लिए बगलिहार-1 से 450 मेगावाट से बिजली डिमांड के हिसाब से खरीदनी पड़ रही है। आगामी सप्ताह से बगलिहार-2 से 200 मेगावाट बिजली खरीद की तैयारी चल रही है।
मौजूदा समय में प्रदेश में बिजली की क्षमता 2,400 मेगावाट है जबकि लोड 3,000 मेगावाट चल रहा है। लोड बढ़ने पर कंडक्टर, तार और ट्रांसफार्मर जलने जल रहे हैं। लोकल फाल्ट की वजह से कभी दिन में तो कभी रात को बत्ती गुल होने लगी।
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हालत यह है कि शहरों में डेढ़ से तीन घंटे तो ग्रामीण इलाकों में पांच से छह घंटे के लंबे कट लग रहे हैं। उधर, कश्मीर घाटी में बिजली लोड 1450 मेगावाट तक चल रहा है। यहां पर कटौती 15 से 20 मिनट तक हो रही है। आने वाले समय में बढ़ सकती है। बिजली कारपोरेशन इसी माह दो मेगावाट अतिरिक्त बिजली के लिए सचिवालय को 200 मेगावाट बिजली खरीद करने की डिमांड देगा। मई और जून माह में अतिरिक्त बिजली मिलने की संभावना है। पीक लोड 3200 मेगावाट तक मई और जून माह के बीच जा सकता है। जरूरत के हिसाब से बिजली का प्रयोग करने की सलाह विभाग दे रहा है।
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केंद्रीय वर्कशाप में 30 से 40 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए पहुंच रहे
केंद्रीय वर्कशाप में हर रोज 30 से 40 ट्रांसफार्मर ठीक होने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा कटौती जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर जिलों में हो रही है। इलाके मैदानी होने के कारण गर्मी से बचने के लिए पंखे, कूलर और एसी का प्रयोग हो रहा है। सितंबर माह में तापमान सामान्य होने पर भी कटौती रुकेगी। कश्मीर संभाग में भी बिजली लोड 1300 मेगावाट से 1450 मेगावाट तक पहुंच गया है। यहां पर हालांकि कटौती का समय कम है। उधर, जम्मू संभाग में 1100 मेगावाट से लोड 450 मेगावाट तक बढ़ा है।
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29 पावर प्लांट से कुल 3550 मेगावाट बिजली का उत्पादन
प्रदेशभर में 21 के करीब पावर प्लांट हैं। इनमें झेलम बसीन, चिनाव, रावी में प्रोजेक्टों से 1211 मेगावाट का उत्पादन होता है। एनएचपीसी के आठ पावर प्लांट हैं। इनमें सलाल, उड़ी, दुलहस्ती, उड़ी-2, किशनगंगा से 2339 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। कुल 3550 एमबीए बिजली का उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। बिजली को बेचा जा रहा है। इसके अनुरूप ही जरूरत के हिसाब से बिजली खरीदी जा रही है।
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चिनाब बेसिन में पानी का बहाव कम होने से जम्मू में बिजली कटौती : जेपीडीसीएल
जम्मू। चिनाब बेसिन की नदियों में पानी का बहाव कम होने के कारण बिजली उत्पादन में काफी गिरावट आई है। इसके चलते बिजली की उपलब्धता और मांग के बीच का अंतर बढ़ गया है। नतीजतन, बीती रात जम्मू के कई इलाकों में बिजली कटौती हुई।
जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड बिजली की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत है। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि वे बिजली का इस्तेमाल समझदारी से करें, खासकर पीक आवर्स के दौरान। इससे ग्रिड में कटौती को कम किया जा सकेगा। जेपीडीसीएल उपभोक्ताओं को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है और बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोट
बिजली की पीक मांग बढ़ी है। बगलिहार एक से 450 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। इसी तरह अतिरिक्त बिजली खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन जम्मू संभाग
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- जम्मू संभाग के शहरों में डेढ़ से तीन घंटा तक कटौती, गांवों में पांच से छह घंटे के कट
-चिनाब बेसिन की नदियों में घटा जल बहाव, बिजली उत्पादन पर पड़ रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में गर्मी बढ़ने से बिजली लोड बढ़ गया है। अब प्रदेश को 600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत है। इसकी आपूर्ति के लिए बिजली विभाग कटाैती का सहारा ले रहा है। जम्मू संभाग में तीन घंटे तो ग्रामीण इलाकों में पांच घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।
बिजली कटौती पर सबसे बड़ा असर चिनाब बेसिन की नदियों में जल बहाव कम होने से हुआ है। इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है। बिजली की आपूर्ति के लिए बगलिहार-1 से 450 मेगावाट से बिजली डिमांड के हिसाब से खरीदनी पड़ रही है। आगामी सप्ताह से बगलिहार-2 से 200 मेगावाट बिजली खरीद की तैयारी चल रही है।
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मौजूदा समय में प्रदेश में बिजली की क्षमता 2,400 मेगावाट है जबकि लोड 3,000 मेगावाट चल रहा है। लोड बढ़ने पर कंडक्टर, तार और ट्रांसफार्मर जलने जल रहे हैं। लोकल फाल्ट की वजह से कभी दिन में तो कभी रात को बत्ती गुल होने लगी।
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हालत यह है कि शहरों में डेढ़ से तीन घंटे तो ग्रामीण इलाकों में पांच से छह घंटे के लंबे कट लग रहे हैं। उधर, कश्मीर घाटी में बिजली लोड 1450 मेगावाट तक चल रहा है। यहां पर कटौती 15 से 20 मिनट तक हो रही है। आने वाले समय में बढ़ सकती है। बिजली कारपोरेशन इसी माह दो मेगावाट अतिरिक्त बिजली के लिए सचिवालय को 200 मेगावाट बिजली खरीद करने की डिमांड देगा। मई और जून माह में अतिरिक्त बिजली मिलने की संभावना है। पीक लोड 3200 मेगावाट तक मई और जून माह के बीच जा सकता है। जरूरत के हिसाब से बिजली का प्रयोग करने की सलाह विभाग दे रहा है।
केंद्रीय वर्कशाप में 30 से 40 ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए पहुंच रहे
केंद्रीय वर्कशाप में हर रोज 30 से 40 ट्रांसफार्मर ठीक होने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा कटौती जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर जिलों में हो रही है। इलाके मैदानी होने के कारण गर्मी से बचने के लिए पंखे, कूलर और एसी का प्रयोग हो रहा है। सितंबर माह में तापमान सामान्य होने पर भी कटौती रुकेगी। कश्मीर संभाग में भी बिजली लोड 1300 मेगावाट से 1450 मेगावाट तक पहुंच गया है। यहां पर हालांकि कटौती का समय कम है। उधर, जम्मू संभाग में 1100 मेगावाट से लोड 450 मेगावाट तक बढ़ा है।
29 पावर प्लांट से कुल 3550 मेगावाट बिजली का उत्पादन
प्रदेशभर में 21 के करीब पावर प्लांट हैं। इनमें झेलम बसीन, चिनाव, रावी में प्रोजेक्टों से 1211 मेगावाट का उत्पादन होता है। एनएचपीसी के आठ पावर प्लांट हैं। इनमें सलाल, उड़ी, दुलहस्ती, उड़ी-2, किशनगंगा से 2339 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। कुल 3550 एमबीए बिजली का उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। बिजली को बेचा जा रहा है। इसके अनुरूप ही जरूरत के हिसाब से बिजली खरीदी जा रही है।
चिनाब बेसिन में पानी का बहाव कम होने से जम्मू में बिजली कटौती : जेपीडीसीएल
जम्मू। चिनाब बेसिन की नदियों में पानी का बहाव कम होने के कारण बिजली उत्पादन में काफी गिरावट आई है। इसके चलते बिजली की उपलब्धता और मांग के बीच का अंतर बढ़ गया है। नतीजतन, बीती रात जम्मू के कई इलाकों में बिजली कटौती हुई।
जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड बिजली की कमी को दूर करने के लिए प्रयासरत है। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि वे बिजली का इस्तेमाल समझदारी से करें, खासकर पीक आवर्स के दौरान। इससे ग्रिड में कटौती को कम किया जा सकेगा। जेपीडीसीएल उपभोक्ताओं को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है और बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोट
बिजली की पीक मांग बढ़ी है। बगलिहार एक से 450 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। इसी तरह अतिरिक्त बिजली खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन जम्मू संभाग