J&K News: आतंकियों की तलाश में सेना ने गुलमर्ग में उतारे हेलिकॉप्टर और ड्रोन, पुलिस अफसरों ने संभाला मोर्चा
गुलमर्ग में आतंकी हमले के बाद सेना ने तलाशी अभियान के तहत हेलिकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया, जबकि सभी मार्गों को सील कर दिया गया है।
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बारामुला के गुलमर्ग सेक्टर में आतंकी हमले के बाद शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। एलओसी और घटनास्थल के आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर सभी मार्गों को सील कर दिया गया है। अभियान में हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी उतारे गए हैं। पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मोर्चे पर तैनात हैं।
वीरवार रात को दहशतगर्दों के साथ हुई मुठभेड़ में दो सैन्य जवान बलिदान हो गए थे। हमले में सेना के दो पोर्टरों की भी मौत हुई है। एक अन्य सैनिक और पोर्टर घायल है। आतंकवादियों ने पर्यटक स्थल गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन को निशाना बनाया। सैन्य काफिला अफरवट रेंज में नागिन पोस्ट की ओर जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में है। हाल ही में इनपुट मिले थे कि एक आतंकवादी ग्रुप ने गर्मियों की शुरुआत में घुसपैठ की थी और अफरवट रेंज के ऊपरी इलाकों में छिपे हुए हैं। बूटापथरी इलाके को हाल ही में कुछ वर्ष पूर्व पर्यटकों के लिए खोला गया था। यहां प्रतिष्ठित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में सेना के जवानों को सियाचिन ग्लेशियर में तैनाती से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण केंद्र हमले की जगह से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है।
सर्च ऑपरेशन के चलते कुछ देर के लिए बंद रही गंडोला सेवा श्रीनगर
गुलमर्ग में सर्च ऑपरेशन के लिए कुछ समय के लिए गंडोला सेवा बंद कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आतंकी हमले के बाद एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से रोपवे सेवा को बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में इसे बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पर्यटकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया।
साल भर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जाना जाने वाला गंडोला, सुरक्षा आकलन और उपायों के पूरा होने के बाद फिर से चालू कर दिया गया। गुलमर्ग में गंडोला दुनिया की दूसरी सबसे लंबी और दूसरी सबसे ऊंची केबल कार सेवा है। दो चरणों वाली लिफ्ट लोगों को 13,976 फुट की ऊंचाई पर अफरवत चोटी के पास कोंगडोरी पर्वत तक ले जाती है। पहला चरण 8,694 फुट की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग से कटोरे के आकार की कोंगडोरी घाटी में कोंगडोरी स्टेशन तक ले जाता है। रोपवे का दूसरा चरण पर्यटकों और स्कीयरों को कोंगडोरी पर्वत पर 13,058 फुट की ऊंचाई पर ले जाता है।