Leh: प्रवासी मजदूरों और सैनिकों के लिए लेह में लगा टीबी जांच शिविर, बीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल
लेह के बीआरओ कैंप शक्ति में प्रवासी मजदूरों और जवानों के लिए टीबी जांच का विशेष शिविर लगाया गया, जिसमें मुफ्त एक्स-रे और स्किन टेस्ट जैसी सुविधाएं दी गईं। इस अभियान का मकसद टीबी के लक्षणों की समय रहते पहचान कर इलाज शुरू करना था।
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लेह में बीआरओ कैंप शक्ति में टीबी की रोकथाम के लिए एक खास जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें प्रवासी मजदूरों और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मियों की मुफ्त जांच की गई। इस शिविर का मकसद टीबी के लक्षणों की जल्दी पहचान करके समय रहते इलाज शुरू करना था, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
शिविर में एक्स-रे, त्वचा जांच और आधुनिक तकनीकों की मदद से टीबी की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग लद्दाख के सहयोग से यह पहल की गई, जिसमें सेना और स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर साथ दिया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि टीबी का इलाज संभव है, बस जरूरत है समय रहते पहचान और जागरूकता की।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ताशी थिनलास ने बताया कि यह अभियान खासतौर पर उन लोगों के लिए था जो अधिक जोखिम में हैं, जैसे प्रवासी श्रमिक। उन्होंने बीआरओ और सभी सहभागी संस्थाओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस प्रयास को सफल बनाने में मदद की।