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Leh-Ladakh: लेह में पहली बार 'सिंधु गास्तुन मिलाप मेला', पूर्व सैनिकों के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब
Mon, 18 May 2026 01:24 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
Published by: Nikita Gupta
Updated Mon, 18 May 2026 01:24 PM IST
सार
लेह के निकट सिंधु-जंस्कार संगम, निमू में पहली बार सिंधु गास्तुन मिलाप मेला 2026 का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन शामिल हुए।
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जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दोरजे पूर्व सैनिक से मिलते हुए।
- फोटो : सेना
विस्तार
पूर्व सैनिक समुदाय के प्रति सम्मान और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करते हुए लेह के निकट सिंधु-जंस्कार संगम, निमू में पहली बार सिंधु गास्तुन मिलाप मेला 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लद्दाख के पूर्व सैनिक समुदाय ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, आश्रितों तथा सेवारत सैन्य कर्मियों की उपस्थिति देखने को मिली।
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कार्यक्रम में 800 से अधिक पूर्व सैनिक, 60 वीर नारियां, 65 वीरांगनाएं तथा लगभग 900 आश्रित एवं सेवारत सैनिक शामिल हुए, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल और यादगार बन गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल मनीष जोशी, सेना मेडल दोरजे डिवीजन ने की। इस अवसर पर लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति साकेत कुशवाहा, उपायुक्त लेह रोमिल सिंह तथा वीर गति प्राप्त योद्धाओं के परिजन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए रिकॉर्ड ऑफिस, जिला सैनिक बोर्ड तथा चिकित्सा विभाग द्वारा विभिन्न सुविधा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर दस्तावेज़, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित सहायता प्रदान की गई। मेले में स्कूली बच्चों, विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों ने भी भाग लिया और खेल एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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सभा को संबोधित करते हुए जनरल ऑफिसर कमांडिंग दोरजे डिवीजन ने सभी उपस्थित लोगों से सहयोग और संवाद के माध्यम से राष्ट्र की समृद्धि और सुरक्षा के लिए कार्य करने तथा सतत विकास सुनिश्चित करने का आह्वान किया। सिंधु गास्तुन मिलाप मेला सेना और उसके पूर्व सैनिकों के बीच अटूट संबंधों का प्रतीक बना जो सेवा, त्याग की भावना से सदैव मजबूत होता रहा है।