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Farooq Abdullah: जेकेसीए मामले में फारूक अब्दुल्ला ने खुद को बताया बेकसूर, अदालत में वर्चुअल माध्यम से हुए पेश

Tue, 31 Mar 2026 12:51 AM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज़ एजेंसी, श्रीनगर
संवाद न्यूज़ एजेंसी, श्रीनगर Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 31 Mar 2026 12:51 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में फंड के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर खुद को बेकसूर बताया।तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला श्रीनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) तबस्सुम की अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेश हुए।

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Farooq Abdullah declared himself innocent in the JKCA case appeared in Srinagar court virtually
फारुख अब्दुल्ला - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में फंड के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर खुद को बेकसूर बताया।तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला श्रीनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) तबस्सुम की अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेश हुए। मजिस्ट्रेट ने औपचारिक रूप से सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दायर चार्जशीट की बातें पढ़कर सुनाईं।

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जब अदालत ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला से पूछा कि क्या उन्हें चार्जशीट की बातें समझाई गई हैं और क्या वे उन्हें समझ गए हैं तो उन्होंने हां में जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे आरोपों को स्वीकार करते हैं तो अब्दुल्ला ने जवाब दिया, नहीं। मैं किसी भी आरोप का दोषी नहीं हूं। अदालत के आखिरी सवाल पर कि क्या वे कुछ और कहना चाहते हैं, उन्होंने कहा, मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है, सिवाय इसके कि ये आरोप मनगढ़ंत हैं।
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यह मामला जेकेसीए के भीतर फंड के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। सीबीआई ने एक चार्जशीट दायर की है जिसमें अब्दुल्ला और कई अन्य लोगों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से एसोसिएशन को दिए गए अनुदान से 43 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। 12 मार्च को पिछली सुनवाई को अदालत ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को रद्द कर दिया था। इससे कुछ ही समय पहले अदालत ने उन्हें पेशी से छूट देने की उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। 88 वर्षीय अब्दुल्ला ने उम्र से जुड़ी कई बीमारियों का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें  हाई-रिस्क मेडिकल कैटेगरी में रखा गया है।
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अब्दुल्ला ने 11 मार्च को जम्मू में उन पर हुए  हमले का भी ज़िक्र किया था। इससे पहले, 2 मार्च को अदालत ने कहा था कि रणबीर दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साज़िश), 406 (आपराधिक विश्वासघात), और 409 (सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत अपराधों के जरूरी तत्व पहली नजर में उनके खिलाफ बनते दिख रहे हैं। अब्दुल्ला के अलावा, आरोपियों में मोहम्मद सलीम खान (तत्कालीन महासचिव, जेकेसीए), अहसान अहमद मिर्जा (तत्कालीन कोषाध्यक्ष), मंजूर गजनफर अली, बशीर अहमद मिसगर (जम्मू-कश्मीर बैंक के एक अधिकारी) और गुलज़ार अहमद बेग शामिल हैं। अदालत ने अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए।

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