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आतंकी हाशिम मूसा की सामने आई असल पहचान: एसएसजी का कमांडो, कभी पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का था गार्ड

Wed, 30 Sep 2026 06:52 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 30 Sep 2026 06:52 PM IST
सार

हाशिम मूसा उर्फ मोहम्मद आसिफ की पहचान पूर्व पाकिस्तानी सेना के हवलदार और एसएसजी से जुड़े सैन्यकर्मी के रूप में सामने आई है, जिसके बाद लश्कर-ए-ताइबा से उसके जुड़ने की जानकारी सामने आई।

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Hashim Musa identified as Mohammad Asif.
लश्कर आतंकी हाशिम मूसा ढेर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के अभियान के दौरान मारे गए लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी हाशिम मूसा की पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध दस्तावेजों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार आसिफ पाकिस्तान सेना में रह चुका था और बाद में लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी ढांचे में शामिल हुआ।

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2000 में पाकिस्तानी सेना में हुआ था शामिल
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मोहम्मद आसिफ का जन्म 7 मार्च 1980 को हुआ था। उसने वर्ष 2000 में PA-3106947 सर्विस नंबर के साथ पाकिस्तान सेना में भर्ती होकर हवलदार के पद तक सेवा की और बाद में सेवानिवृत्त हो गया।

बताया गया है कि वर्ष 2005 में उसे पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी) में शामिल किया गया था। वह 4 कमांडो यलगार बटालियन में तैनात रहा और वर्ष 2006 से बलूचिस्तान में उसकी पोस्टिंग रही।

बलूचिस्तान में अभियानों में शामिल होने का दावा
बलूचिस्तान में तैनाती के दौरान आसिफ ने बलूच विद्रोहियों के खिलाफ करीब 10 अभियानों में हिस्सा लिया था। उसके बारे में 13 व्यक्तिगत हत्याओं का दावा भी किया गया है।  इन दावों की उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

मुशर्रफ की वीवीआईपी सुरक्षा टीम में भी रहा
दावा किया गया है कि वर्ष 2006 से 2009 के बीच मोहम्मद आसिफ तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की वीवीआईपी सुरक्षा टीम का हिस्सा रहा था। इसके अलावा उसे विभिन्न विशेष सैन्य प्रशिक्षण और हथियारों से संबंधित प्रशिक्षण मिलने की बात भी कही गई है।

2023 में सेना से रिटायर होने के बाद लश्कर से जुड़ने का दावा
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान सेना से वर्ष 2023 में सेवानिवृत्ति के बाद मोहम्मद आसिफ जम्मू-कश्मीर में वीवीआईपी के आतंकी ढांचे से जुड़ा। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हाशिम मूसा का स्केच जारी किया था और उसे हमले में शामिल आतंकियों में से एक बताया था।

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कोराग मुठभेड़ के बाद बरामद हुआ शव
कोराग इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद हाशिम मूसा उर्फ मोहम्मद आसिफ का शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। उसके पास से युद्ध जैसी सामग्री बरामद होने की भी बात कही गई है।

उपलब्ध दस्तावेजों में 12 सितंबर 2020 को जारी एक सीएनआईसी कार्ड का भी उल्लेख है, जिसमें हाशिम मूसा की पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में बताई गई है। पूर्व पाकिस्तानी सैन्यकर्मी के तौर पर उसका अनुभव और विशेष प्रशिक्षण जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के दौरान उसके लिए उपयोगी रहा।

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