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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Ceasefire: People of Uri returning home after ceasefire, life slowly getting back to normal with shops reopeni

Ceasefire: सीजफायर के बाद घर लौट रहे उड़ी के लोग, दुकानें फिर से खुलने के साथ धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा जनजीवन

Tue, 13 May 2025 04:53 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 13 May 2025 04:53 PM IST
सार

उड़ी में चार दिन की भीषण गोलाबारी के बाद युद्धविराम लागू होने से लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं और जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। प्रशासन द्वारा निवासियों को सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देशों के साथ वापसी की अनुमति दी गई है।

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Ceasefire: People of Uri returning home after ceasefire, life slowly getting back to normal with shops reopeni
युद्धविराम के बाद घर लौट रहे उड़ी के लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चार दिनों तक सीमा पार से भीषण गोलाबारी के बाद जब बंदूकें शांत हुईं, तो उड़ी के लोग घर लौटने लगे हैं। उन्हें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा।

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गाेलाबारी में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक उड़ी में दुकानें फिर से खुल गई हैं और जीवन धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है। गोलाबारी के कारण हजारों लोग अपने घर और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भागने को मजबूर हुए थे।
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स्थानीय निवासी लाल हुसैन कोली ने कहा, यह हमारे लिए अच्छा दिन है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव होने पर ज़्यादा नुकसान सीमा पर रहने वाले लोगों को होता है। पिछले चार दिनों में हमने कई जानें गंवाई हैं। अपने घर और संपत्तियों को नष्ट होते देखा है।
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फारूक खटाना ने दोनों देशों से स्थायी युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह करते हुए कहा, हम बिना किसी डर के जीना चाहते हैं। पूर्णकालिक युद्धविराम ही एलओसी पर रहने वाले हम जैसे लोगों के लिए शांति का एकमात्र रास्ता है।उड़ी के एक अन्य निवासी फिरोज अहमद ने कहा कि गोलाबारी से हमारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है। हमें उम्मीद है कि यह शांति बनी रहेगी।”

विधायक डॉ. सज्जाद शफी पूरे संकट के दौरान उड़ी में ही रहे, राहत प्रयासों की देखरेख की और सुनिश्चित किया कि विस्थापित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोग जब तक गोले हटा नहीं दिए जाते, तब तक घर न लौटें। 


पुलिस ने जिले के 17 गांवों में लगभग 20 बिना फटे हुए बम मिलने की सूचना दी है। इनमें से सात को कमलकोट, मधान, गौहलान, सलामाबाद, बिजहामा, गंगरहिल और गवाल्टा में निष्क्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने इन छह गांवों के निवासियों को वापस लौटने की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने निवासियों के लिए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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