Budgam by-election: बडगाम की सड़कों पर सियासी हलचल, पीडीपी और नेकां की सीधी टक्कर में भाजपा भी मैदान में
बडगाम उपचुनाव में पीडीपी और नेकां की टक्कर के बीच भाजपा भी सीट पाने की जुगत में जुटी हुई है, नेता गांव-गांव जाकर नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। सड़कों पर प्रचार वाहन चलते दिखाई दिए और स्थानीय जनता से संवाद के दौरान विकास और चुनावी मुद्दे उभरकर सामने आए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपचुनाव के लिए मतदान में चार दिन बचे हैं और बढ़ रही सर्दी के बीच सियासी पारा गरमा रहा है।यहां स्थानीय विकास के मुद्दों और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप-प्रत्यारोप के बीच पीडीपी और नेकां के बीच चल रही कुर्सी की रस्साकसी के बीच भाजपा भी दांव आजमाने में लगी है।
वीरवार सुबह नौ बजे बडगाम में तीन डिग्री तापमान था। ओमपुरा चाैराहे पर सन्नाटा दिखाई दिया। आगे नए बस स्टैंड के पास कुछ यात्री थे। स्थानीय दुकानदारों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
फोटो न छापने के आग्रह पर रशीद कहते हैं कि हमें सड़क और विकास कार्यों लिए तरसना पड़ रहा है। आप देख रहे हो, ज्यादातर सड़कों पर गड्ढे हैं। उमर यहां से चुनाव जीते थे, लगा था कि अब शायद बडगाम का सूरत-ए-हाल बदले। चुनाव के बारे में कहना मुश्किल है लेकिन पीडीपी का वोट ज्यादा है। फिरोज मीर ने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं, नेकां इसे फिर से जीत सकती है, मुख्यमंत्री उमर प्रचार के लिए आ रहे हैं। बुजुर्ग दुकानदार उमर वानी ने बताया कि भाजपा को कम नहीं आंका जा सकता है।
करीब 11 बजे पुराने बस स्टैंड पर रास्ते में नेकां का प्रचार वाहन नजर आया। इसके बाद ओमपुरा जाते समय भाजपा कार्यकर्ता रैली निकालते दिखाई दिए। भाजपा के पांच वाहन सोईबुग गांव पहुंचे और यहां नुक्कड़ सभा की। भाजपा नेता अनवर खान लोगों को संबोधित कर रहे थे। लौटते समय पीडीपी का प्रचार वाहन दिखाई दिया। नारकरा में निर्दलीय उम्मीदवार जिबरान डार मिले।
टूटे ‘वेलकम इन बडगाम’ ने किया स्वागत
श्रीनगर से जैसे ही बडगाम में प्रवेश किया, सड़क किनारे सेल्फी पॉइंट वेलकम इन बडगाम बना था। इसके आठ अक्षर पूरी तरह टूटे थे और क्षेत्र के प्रति उदासीनता की कहानी कह रहे थे। यही हाल बडगाम रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के तिराहे पर लगे बडगाम के लोगो को था।
बडगाम जाते और वहां से आते हुए सड़क पर हमने कई जगह हिचकोले भी खाए। बाटाहार में शब्बीर अहमद, नासिर अंसारी, उमर शेख आदि ने बताया कि चुनाव में उमर की जीत के बाद उम्मीद थी कि यहां विकास होगा पर उन्होंने सीट छोड़ दी। अब जो भी यहां से जीतेगा उससे फरियाद करेंगे। किसे वोट देंगे, इस सवाल को वह टाल गए।
उमर की जीत में चला था रुहुल्ला का जादू, अब सब खामोश
पीडीपी के गढ़ शिया बहुल बडगाम में रूहुल्ला का जादू चला तो उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी के उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर मेहदी को 18,485 वोट से हराया था। आगा को 17,525 और उमर को 36,010 वोट मिले थे। उमर के सीट छोड़ने के बाद नेकां ने आगा सैयद महमूद को उम्मीदवार बनाया है।
पीडीपी की ओर से आगा सैयद मुंतजिर मेहदी मैदान में हैं तो भाजपा ने भी शिया चेहरे आगा मोहसिन पर दांव चला है। बडगाम के लोगाें के अनुसार नेकां और पीडीपी की कड़ी टक्कर है। यहां रुहुल्ला फैक्टर काम करता है लेकिन उमर से तल्खी के बीच ने रुहुल्ला ने प्रचार से दूरी बनाई रखी है। इसने चुनाव को दोनों पार्टियों के लिए कड़ा बना दिया है।
वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों के अपने दावे हैं। लोगों का कहना है कि यहां भाजपा एक्स फैक्टर काम कर सकता है। भाजपा कार्यकर्ता इस समय गांव-गांव और घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वरिष्ठ नेता अशोक कौल लगातार जनसभाएं कर रहे हैं, भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं और जीत के दावे कर रहे हैं।