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Srinagar News: बांदीपोरा में वेतन की मांग के लिए आशा वर्करों का प्रदर्शन
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बांदीपोरा में प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स। संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल में भर्ती घायल करन।
बांदीपोरा। वेतन और प्रोत्साहन राशि के लंबे समय से लंबित भुगतान को लेकर गुरुवार को बांदीपोरा में 200 से अधिक मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा वर्करों) ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा और बार-बार देरी का आरोप लगाया।
आशा वर्करों ने मिनी सचिवालय के पास कुछ समय के लिए मुख्य सड़क को जाम कर दिया जिससे यातायात बाधित हुआ। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के तहत लंबित भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की। नारे लगाते और तख्तियां उठाए आशा वर्करों ने सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका को रेखांकित किया जिसमें उच्च जोखिम वाले मरीजों की देखभाल, सर्वेक्षण, टीकाकरण अभियानों में सहायता और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है।
आशा समूह की प्रमुख शरीफा बेगम ने कहा कि वेतन में देरी से उनके परिवारों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ कर्मियों के लिए ड्यूटी पर आने-जाने का किराया तक जुटाना मुश्किल हो गया है। उनकी सहयोगी अफरोजा बेगम ने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद वे ग्रामीण आबादी की सेवा करना जारी रखे हुए हैं।
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इस बीच, बीएमओ डॉ. ताहिर अहमद ने वेतन में देरी का कारण लेखाकार की अनुपस्थिति को बताया, जो वर्तमान में मातृत्व अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि उनके स्थान पर नए लेखाकार की नियुक्ति के लिए अनुरोध भेजा गया है। डॉ. अहमद ने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होते ही लंबित वेतन जारी कर दिया जाएगा।
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आशा वर्करों ने मिनी सचिवालय के पास कुछ समय के लिए मुख्य सड़क को जाम कर दिया जिससे यातायात बाधित हुआ। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के तहत लंबित भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की। नारे लगाते और तख्तियां उठाए आशा वर्करों ने सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका को रेखांकित किया जिसमें उच्च जोखिम वाले मरीजों की देखभाल, सर्वेक्षण, टीकाकरण अभियानों में सहायता और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है।
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आशा समूह की प्रमुख शरीफा बेगम ने कहा कि वेतन में देरी से उनके परिवारों को भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ कर्मियों के लिए ड्यूटी पर आने-जाने का किराया तक जुटाना मुश्किल हो गया है। उनकी सहयोगी अफरोजा बेगम ने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद वे ग्रामीण आबादी की सेवा करना जारी रखे हुए हैं।
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इस बीच, बीएमओ डॉ. ताहिर अहमद ने वेतन में देरी का कारण लेखाकार की अनुपस्थिति को बताया, जो वर्तमान में मातृत्व अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि उनके स्थान पर नए लेखाकार की नियुक्ति के लिए अनुरोध भेजा गया है। डॉ. अहमद ने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होते ही लंबित वेतन जारी कर दिया जाएगा।