Amarnath Yatra 2025: अब हर मोड़ पर रहेगा नेटवर्क, अमरनाथ यात्रियों को मिलेगी 4जी सुविधा, BSNL ने लगाए 67 टावर
अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान श्रद्धालुओं को तेज और निर्बाध 4G इंटरनेट सेवा मिलेगी, जिसके लिए बीएसएनएल ने बालटाल और पहलगाम रूट पर 67 मोबाइल टावरों को अपग्रेड किया है।
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श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार एक नई सुविधा का लाभ मिलेगा- तेज और निर्बाध 4जी इंटरनेट। बीएसएनएल ने इस वर्ष यात्रा मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क को मजबूती देने के लिए बालटाल और पहलगाम रूट पर कुल 67 मोबाइल टावरों को 4जी में अपग्रेड कर दिया है।
बीएसएनएल के जम्मू-कश्मीर के महाप्रबंधक अरविंद पांडे ने बताया कि तीर्थयात्रियों को अब बेहतर कॉल क्वालिटी व हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। इससे वे न सिर्फ अपने परिजनों से संपर्क में रह सकेंगे, बल्कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल सेवाओं का भी निर्बाध उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप, बालटाल और पहलगाम में श्रद्धालुओं के लिए बीएसएनएल सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल कनेक्टिविटी मिल सके।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से कई पुराने लंगर संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति न मिलने पर उनमें नाराजगी है। इस मामले को लेकर भोले भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट ने जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन का दावा है कि वह पिछले 28 वर्षों से तीर्थयात्रियों की सेवा कर रहा है। उन्हें इस बार भी अमरनाथ यात्रा में लंगर लगाने का मौका दिया जाए।
पारंपरिक पहलगाम और बालटाल से यात्रा क्षेत्र (आधार शिविर से पवित्र गुफा तक) में देशभर से सौ से अधिक छोटे-बड़े लंगर संगठन सेवाएं देते हैं। इन लंगरों की अनुमति श्राइन बोर्ड देता है। जबकि, लखनपुर से कश्मीर तक अन्य यात्रा रूट पर संबंधित जिला प्रशासन लंगर लगाने की अनुमति देते हैं। तीन जुलाई से शुरू हो रही यात्रा के लिए 20 जून तक लंगर संगठन पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
अमूमन श्राइन बोर्ड की ओर से पिछले साल के प्रदर्शन के आधार पर अगले साल संबंधित संगठन को लंगर की अनुमति दी जाती है। इसमें यात्रा से पहले संबंधित लंगर संगठन को पत्र या मेल के माध्यम से एक ऑफर लेटर भेजकर दोबारा लंगर लगाने के लिए उनकी इच्छा पूछी जाती है। इसके बाद इच्छुक लंगर संगठन से जरूरी दस्तावेज लेकर लंगर की अनुमति जारी की जाती है। लेकिन, इस बार करीब सात से आठ ऐसे लंगर संगठनों को ऑफर लेटर नहीं भेजा गया है।
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