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सीआरपीएफ की मजबूती को मिले और 335 जवान
Sri nagar
Updated Mon, 23 Dec 2013 05:46 AM IST
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श्रीनगर। सुरक्षा में बढ़ोतरी करते हुए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त 335 जवानों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में शामिल कर लिया गया। बडगाम जिले के हुमामा में स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी) में पासिंग आउट परेड के बाद रविवार को इन्हें बल में शामिल कर लिया गया। परेड के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मौजूद रहे।
बर्फबारी के बीच मुख्यमंत्री ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। केंद्रीय आरक्षी बल के महानिरीक्षक पीके सिंह और आरटीसी के प्रिंसिपल डीआईजी भूपिंद्र सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे। जम्मू रेंज के आईजी एजी मीर, मध्य कश्मीर के डीआईजी एसए मुज्तबा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अन्य अधिकारियों-जवानों के साथ उनके घरवाले मौजूद रहे। डीआईजी भूपिंद्र ने इस दौरान ट्रेनिंग सेंटर के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 89वें बैच के जिन कांस्टेबलों को ट्रेनिंग के बाद पास आउट किया गया, उनमें 27 जम्मू-कश्मीर राज्य से भी संबंधित हैं। परेड के बाद रंगरूटों ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। आरटीसी की स्थापना अप्रैल 1990 में हुई और अब तक 19,619 कांस्टेबल इसमें प्रशिक्षण हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह पहला ऐसा केंद्र है, जहां पूरे साल यहां तक कि कड़ाके के सर्द मौसम में भी ट्रेनिंग दी जाती है।
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बर्फबारी के बीच मुख्यमंत्री ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। केंद्रीय आरक्षी बल के महानिरीक्षक पीके सिंह और आरटीसी के प्रिंसिपल डीआईजी भूपिंद्र सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे। जम्मू रेंज के आईजी एजी मीर, मध्य कश्मीर के डीआईजी एसए मुज्तबा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अन्य अधिकारियों-जवानों के साथ उनके घरवाले मौजूद रहे। डीआईजी भूपिंद्र ने इस दौरान ट्रेनिंग सेंटर के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज 89वें बैच के जिन कांस्टेबलों को ट्रेनिंग के बाद पास आउट किया गया, उनमें 27 जम्मू-कश्मीर राज्य से भी संबंधित हैं। परेड के बाद रंगरूटों ने अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। आरटीसी की स्थापना अप्रैल 1990 में हुई और अब तक 19,619 कांस्टेबल इसमें प्रशिक्षण हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह पहला ऐसा केंद्र है, जहां पूरे साल यहां तक कि कड़ाके के सर्द मौसम में भी ट्रेनिंग दी जाती है।
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