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लश्कर की धमकी को पुलिस ने माना शरारत
Sri nagar
Updated Sun, 22 Dec 2013 05:46 AM IST
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श्रीनगर। पोस्टर चस्पा कर सरपंचों और राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों को लश्कर की धमकी को पुलिस महज शरारत मान रही है। इस मामले में अब तक पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने पोस्टर तो उतरवा लिए थे, लेकिन इसे प्रिंट करने और लगाने वालों का पता नहीं चल सका। जिन इलाकों में पोस्टर लगे पाए गए थे, पुलिस ने वहां लंबी पूछताछ की। अब पुलिस मान रही है कि रात के अंधेरे में किसी ने पोस्टर चस्पा कर शरारत की।
चूंकि इससे पहले भी कई बार ऐसे पोस्टरों के जरिए धमकी देने की कोशिश की गई थी, इसलिए पुलिस चुनावों से पहले इसे शरारत करार दे रही है। उधर सरपंचों ने भी ऐसी धमकी से कतई न डरने का एलान किया है। डीआईजी का कहना है कि अभी तक की जांच से यही लगता है कि यह किसी की शरारत है। सरपंचों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई है।
इससे पहले शोपियां और बारामूला में पोस्टर चस्पा कर पंचों और सरपंचों को धमकाया गया था। तब भी जांच में मामला लश्कर से जुड़े होने का सबूत नहीं मिला था। पोस्टरों के उन मामलों में भी पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी थी। अब श्रीनगर के शहरी इलाकों में ऐसे पोस्टरों को चस्पा किया जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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पुलिस इसे भले ही शरारत कह रही हो, लेकिन कश्मीर के आम लोगों में यह पोस्टर चर्चा में है। आम लोग इसे लश्कर की धमकी ही मानकर चल रहे हैं। सरपंचों ने इसे बुजदिलाना कार्रवाई बताते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। डीआईजी सेंटर कश्मीर एस मुज्तबा के मुताबिक, अभी तक पोस्टरों पर कोई सुराग नहीं मिले हैं। छानबीन की जा रही है। सरपंचों को सुरक्षा पहले से ही दी जा रही है। मालूम हो कि श्रीनगर के पुराने इलाकों में रातोंरात लश्कर की तरफ से पोस्टर चिपकाए गए थे। पोस्टरों में धमकी दी गई थी कि सभी सरपंच इस्तीफा दे दें, वरना अंजाम बुरा होगा।
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चूंकि इससे पहले भी कई बार ऐसे पोस्टरों के जरिए धमकी देने की कोशिश की गई थी, इसलिए पुलिस चुनावों से पहले इसे शरारत करार दे रही है। उधर सरपंचों ने भी ऐसी धमकी से कतई न डरने का एलान किया है। डीआईजी का कहना है कि अभी तक की जांच से यही लगता है कि यह किसी की शरारत है। सरपंचों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई है।
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इससे पहले शोपियां और बारामूला में पोस्टर चस्पा कर पंचों और सरपंचों को धमकाया गया था। तब भी जांच में मामला लश्कर से जुड़े होने का सबूत नहीं मिला था। पोस्टरों के उन मामलों में भी पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी थी। अब श्रीनगर के शहरी इलाकों में ऐसे पोस्टरों को चस्पा किया जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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पुलिस इसे भले ही शरारत कह रही हो, लेकिन कश्मीर के आम लोगों में यह पोस्टर चर्चा में है। आम लोग इसे लश्कर की धमकी ही मानकर चल रहे हैं। सरपंचों ने इसे बुजदिलाना कार्रवाई बताते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। डीआईजी सेंटर कश्मीर एस मुज्तबा के मुताबिक, अभी तक पोस्टरों पर कोई सुराग नहीं मिले हैं। छानबीन की जा रही है। सरपंचों को सुरक्षा पहले से ही दी जा रही है। मालूम हो कि श्रीनगर के पुराने इलाकों में रातोंरात लश्कर की तरफ से पोस्टर चिपकाए गए थे। पोस्टरों में धमकी दी गई थी कि सभी सरपंच इस्तीफा दे दें, वरना अंजाम बुरा होगा।