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लश्कर ने चिपकाए धमकी भरे पोस्टर
Sri nagar
Updated Fri, 20 Dec 2013 05:47 AM IST
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श्रीनगर। श्रीनगर के पुराने शहर के इलाके में बुधवार को आतंकी संगठन लश्करे तैयबा द्वारा धमकी भरे पोस्टर चिपकाए जाने से लोगों में दहशत का माहौल है। पता चलते ही पुलिस दल वहां पहुंचा और उसने तुरंत वहां से पोस्टर उतार दिए। अधिकारी इसे किसी की शरारत मात्र बता रहे हैं। फिर भी मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुराने शहर के गवाकदल तथा मायसूमा के बसंतबाग इलाके में बुधवार सुबह कुछ लोगों ने दीवारों पर चिपके हुए पोस्टरों को देखा था। इसकी जानकारी संबंधित पुलिस थाने को दी गई। पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुुंची और उसने तेजी से कार्रवाई करते हुए पोस्टरों को वहां से हटा दिया।
लश्कर के इन पोस्टरों के नीचे जिला कमांडर नवाब गजनबी का नाम लिखा हुआ था। इसमें जनता को राजनीतिक दलों से दूर रहने और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया था। इसके अलावा पंचों और सरपंचों को भी एक सप्ताह के भीतर त्यागपत्र देने का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने इस धमकी को कोरी धमकी न मानते हुए, इस पर तुरंत अमल करने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर हत्या की धमकी भी दी गई है। पुलिस ने इसके पीछे शरारती तत्वों का हाथ बताया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि लोगों विशेषकर कर पंचो सरपंचों में दहशत पैदा करने के लिए ऐसी शरारतें होती रहीं है। पुलवामा तथा शौपियां जिलों में कई ऐसे मामले जांच के बाद झूठे साबित हो चुके हैं। इससे बावजूद पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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पुराने शहर के गवाकदल तथा मायसूमा के बसंतबाग इलाके में बुधवार सुबह कुछ लोगों ने दीवारों पर चिपके हुए पोस्टरों को देखा था। इसकी जानकारी संबंधित पुलिस थाने को दी गई। पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुुंची और उसने तेजी से कार्रवाई करते हुए पोस्टरों को वहां से हटा दिया।
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लश्कर के इन पोस्टरों के नीचे जिला कमांडर नवाब गजनबी का नाम लिखा हुआ था। इसमें जनता को राजनीतिक दलों से दूर रहने और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया था। इसके अलावा पंचों और सरपंचों को भी एक सप्ताह के भीतर त्यागपत्र देने का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने इस धमकी को कोरी धमकी न मानते हुए, इस पर तुरंत अमल करने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर हत्या की धमकी भी दी गई है। पुलिस ने इसके पीछे शरारती तत्वों का हाथ बताया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि लोगों विशेषकर कर पंचो सरपंचों में दहशत पैदा करने के लिए ऐसी शरारतें होती रहीं है। पुलवामा तथा शौपियां जिलों में कई ऐसे मामले जांच के बाद झूठे साबित हो चुके हैं। इससे बावजूद पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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