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पूर्व आतंकवादी राज्य सरकार से हुए आहत
Sri nagar
Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
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श्रीनगर। राज्य सरकार से नाउम्मीद हुए पूर्व आतंकी अब केंद्र सरकार की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं। उड़ी बुन्यार के रहने वाले तीन बच्चों के पिता चौधरी शाह मोहम्मद का कहना है कि बेकारी और बेरोजगारी में वह बहकावे में आ गए और बहकावे की सजा पिछले 22 वर्षों भुगत रहे हैं। अब जबकि हम कौमी धारा का हिस्सा हैं, उसके बावजूद भी हमें इज्जत से जिंदगी गुजारने का हक हासिल नहीं। हम से राज्य सरकार ने हर स्तर पर वादे किये, लेकिन अभी तक एक वादे को भी पूरा नहीं किया गया। पिछले दो वर्षों से वह पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ। शाह मोहम्मद के मुताबिक हर काम शुरू करने से पहले उन पर सीईआईडी और दूसरी एजेंसियों की ओर से हजारों सवाल उठाए जाते हैं। सिर्फ फौज उनकी मदद के लिए आगे आती है। हिलाल अहमद भट का कहना है कि राज्य सरकार उनके नाम को इस्तेमाल कर केंद्र सरकार से करोड़ों रुपये की मदद हासिल करती है। 1988 में पाक अधिकृत कश्मीर गए और 1990 में लौटे। लगभग पांच वर्ष तक सक्रिय आतंकवाद का हिस्सा रहे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद समझ आया कि किस तरह से उन्हें इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले 15 वर्षाें से हमारी जिंदगी अजीरन बन चुकी है। राज्य सरकार सिर्फ हमें सेमिनारों के निमंत्रण देकर पूरे देश का दिखाती है कि किस तरह से आतंकवाद से लोग तंग आ कर कौमी धारा का हिस्सा बन रहे हैं, लेकिन हमारे साथ पुनर्वास को लेकर सिर्फ वादे हो रहे हैं। अब उनकी उम्मीद सिर्फ केंद्र सरकार पर ही टिकी है। जुनेद बगदादी जेएंडके एक्स मिलिटेंट एसोसिएशन के सचिव हैं। उनका कहना है कि सचिव होने के नाते अभी तक वह एक भी मांग को पूरा करने में नाकाम रहे। विभिन्न बीमारियों में लिप्त बगदादी मुख्यमंत्री तक को मिल चुके हैं, लेकिन पुनर्वास की मांग आज भी अधूरी है। बगदादी का कहना है कि उनकी संस्था के साथ 27000 पूर्व आतंकी जुड़े हैं। पुलिस और सरकार उनका इस्तेमाल कर उन पर बयानबाजी के सिवा कुछ नहीं कर रही। जिन लोगों ने यह आतंकवाद शुरू किया, सरकार उनका सब खर्चा उठाती है, वह राज्य में मेहमानों की जिंदगी बसर कर रहे हैं, लेकिन हमें जिंदगी जीने का दूसरा मौका नहीं दिया जा रहा है। अपनी मांग के लिए धरने पर बैठे तारिक अहमद और मौलवी नूर मोहम्मद का कहना है कि इन वर्षों में उन्होंने सख्त तरीन जिंदगी गुजारी है। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोक जन शक्ति पार्टी के घाटी प्रमुख संजे सराफ के मुताबिक घाटी के हालात को और बेहतर बनाने के लिए पूर्व आतंकियों का पुनर्वास जरूरी है।
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