संशोधन विधेयक ने सबको चक्कर में डाला

Sri nagar Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पंचायती राज में संशोधन करने के लिए पीडीपी द्वारा सदन में पेश किए गए विधेयक को समर्थन देने पर कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल पशोपेश की स्थिति में आ गए हैं। इस नई राजनीतिक उलझन का प्रभाव कांग्रेस और नेकां गठबंधन पर पड़ सकता है, क्योेंकि कांग्रेस के प्रधान सैफुद्दीन सोज पार्टी द्वारा विधेयक के समर्थन से इंकार नहीं कर रहे हैं। सदन में विधेयक पेश हो जाने की स्थिति में कांग्रेस उसका समर्थन करती है तो सरकार पर संकट के बादल भी गहरा सकते हैं।
राज्य में पंचायतों को सशक्त करना सभी राजनीतिक दलों की मांग रही है। पीडीपी द्वारा इस बाबत वर्तमान सत्र में विधेयक लाने से नए राजनीतिक समीकरण उभर कर सामने आने लगे हैं। हालत यह है कि पंचायतों का सशक्तीकरण करने की मांग उठा रहे दल इस मांग का समर्थन तो करना चाहते हैं, लेकिन पीडीपी द्वारा इस मामले में बाजी मार जाने का डर भी उनको सताने लगा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज को जब अमर उजाला ने विधेयक पर पार्टी का स्टैंड साफ करने के लिए कहा, तो उनका जवाब था कि उसूलन पार्टी इसका समर्थन कर सकती है। उन्होंने साफ किया कि विधेयक पंचायतों को ताकतवर बनाने के लिए पेश किया जा रहा है। कांग्रेस भी यही मांग करती रही है। इसलिए इस बिल के पेश होने की सूरत में हम इसका समर्थन भी कर सकते हैं। कांग्रेस ही नहीं कई दूसरे दलों के नेता जिनमें भाजपा निष्कासित गुट के नेता चमन लाल गुप्ता, पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह, निदर्लीय अश्वनी शर्मा पंचायतों को मजबूत करने के लिए इस विधेयक का समर्थन करने को तैयार दिखाई दे रहे हैं। भाजपा निष्कासित दल के नेता चमन लाल गुप्ता का कहना है कि हमने हमेशा ही पंचायत राज एक्ट के 73वें तथा 74वें में संशोधन की शर्तें राज्य में भी लागू करने की मांग हमेशा की है। अगर ऐसा कोई विधेयक पीडीपी अथवा किसी दूसरे दल द्वारा सदन में आता है तो हम उसका समर्थन करने पर विचार कर सकते हैं। भाजपा विधायक दल के नेता जुगल किशोर का कहना था कि हम पीडीपी द्वारा सदन में पेश किए गए विधेयक का समर्थन इसलिए नहीं कर सकते, क्योंकि हम अलग से उनसे पहले 10 सितंबर को ऐसा ही प्रस्ताव सदन में पेश करने के लिए दे चुके हैं, जबकि पीडीपी ने यह विधेयक बाद में 18 सितंबर को सदन में पेश करने के लिया दिया है। निर्दलीय विधायक अश्वनी शर्मा कहते हैं कि राज्य में पंचायतों के सशक्तीकरण की मांग उन्होंने हर मंच पर उठाई है, लेकिन पीडीपी द्वारा पेश विधेयक को पढ़े बिना उसको समर्थन देने अथवा न देने पर विचार नहीं किया जा सकता। पैंथर्स पार्टी विधायक दल के सदन में नेता हर्षदेव सिंह कहते हैं कि वे ऐसा ही एक विधेयक गत बजट सत्र के दौरान सदन में लाए थे, लेकिन किसी दल द्वारा इसका समर्थन न करने से यह गिर गया था। आज इस मुद्दे पर सबसे अधिक शोर करने वाली कांग्रेस का इस विधेयक के प्रति क्या रवैया रहता है, यह देखने वाली बात होगी। इसके नेताओं द्वारा राहुल गांधी को मिलना तथा पार्टी प्रधान सैफुद्दीन सोज द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखना कांग्रेस की दोहरी नीति का ही एक भाग है। वह कहते हैं कि अगर किसी दल द्वारा चाहे वह पीडीपी ही क्यों न हो, पंचायती राज एक्ट में संशोधन करने के लिए विधेयक सदन में आता है, तो हम उसका समर्थन कर सकते हैं।

Spotlight

Most Read

Rampur

टेक्सटाइल्स की जमीन पर फिर अवैध कब्जे

रजा टेक्सटाइल्स की जमीन पर सप्ताह भर के भीतर ही फिर से अवैध कब्जे कर लिए गए। अवैध कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन से मामले की शिकायत की गई है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: LoC से वापस आई पुंछ - रावलकोट के बीच चलने वाली बस

पुछ को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के रावलकोट से जोड़ने वाली बस को एक बार फिर रोक दिया गया। ये बस सोमवार को पुंछ से रावलकोट जाने के लिए चली, लेकिन एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा की जा रही क्रास बार्डर फायरिंग के मद्देनजर इसे वापस भेज दिया गया।

17 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper