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जीएमसी में भर्ती दो घायल सैन्य अस्पताल के लिए रेफर
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डीसी राजोरी थन्नामंडी सड़क हादसे में घायलों का हाल चाल जान उन्हें आर्थिक मदद देते हुए।
- फोटो : RAJOURI
राजोरी। जीएमसी में भर्ती थन्नामंडी मेटाडोर सड़क हादसे के एक बच्चे समेत दो घायलों को सैन्य अस्पताल सतवारी में रेफर किया गया। इसके अलावा एक अन्य घायल को परिवार वाले अमृतसर ले गए हैं। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में अन्य नौ घायलों का इलाज चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार अस्पताल में इलाज ले रहे घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
गत दिवस हादसे के बाद 12 घायलों को जीएमसी में भर्ती कराया गया था। जिसमें कईयों की हालत गंभीर थी। सोमवार को तोखहीर निवासी खनेतर पुंछ और अखीर अहमद निवासी खनेतर पुंछ को सैन्य अस्पताल सतवारी में शिफ्ट किया गया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा जमीर अहमद (4) निवासी खनेतर पुंछ को इलाज के लिए परिवार वाले अमृतसर ले गए हैं। गंभीर रूप से घायल दो घायलों के जीएमसी में आपरेशन किए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग और वाहनों की तेज रफ्तार यात्रियों की जान के लिए खतरा बनी हुई है। संभाग के पहाड़ी इलाकों में बड़े सड़क हादसों पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसका बड़ा कारण यातायात नियमों की धज्जियां उड़ना भी है। हादसों के बाद कुछ देर के लिए सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन बाद में दोबारा पहले जैसे हालात बन जाते हैं।
प्रशासन ने प्रभावितों को आर्थिक सहायता प्रदान की
राजोरी। डीसी एजाज असद ने सोमवार को जीएमसी एवं जिला अस्पताल का दौरा कर वहा भर्ती थन्नामंडी सड़क हादसे के घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने घायलों के परिजनों को वित्तीय सहायता प्रदान की। हादा 25 अगस्त को उस समय हुई जब थन्नामंडी इलाके में मैगी-मोड़ के पास एक ओवरलोडिंग मेटाडोर लगभग 500 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। उसमें सवार सात की मौत और 25 घायल हो गए थे। डीसी ने सभी घायल व्यक्तियों को कुल मिलाकर एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की। घायलों में मोहम्मद खालिद, मोहम्मद शाजाद, परवीन कौसर, मोहम्मद खुर्शीद, इरफराज अहमद, मोहम्मद रशीद, अली मोहम्मद, मोहम्मद इस्माइल, सरफराज अहमद, मोहम्मद अमीन और मोहम्मद आरोह सभी शामिल हैं। सभी खनेतर पुंछ के निवासी हैं। डीसी ने बताया कि सभी घायलों के उपचार का खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा। उनके साथ चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश गुप्ता, डा. महमूद हुसैन, डॉ शालिंदर शर्मा थे।
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गत दिवस हादसे के बाद 12 घायलों को जीएमसी में भर्ती कराया गया था। जिसमें कईयों की हालत गंभीर थी। सोमवार को तोखहीर निवासी खनेतर पुंछ और अखीर अहमद निवासी खनेतर पुंछ को सैन्य अस्पताल सतवारी में शिफ्ट किया गया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा जमीर अहमद (4) निवासी खनेतर पुंछ को इलाज के लिए परिवार वाले अमृतसर ले गए हैं। गंभीर रूप से घायल दो घायलों के जीएमसी में आपरेशन किए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग और वाहनों की तेज रफ्तार यात्रियों की जान के लिए खतरा बनी हुई है। संभाग के पहाड़ी इलाकों में बड़े सड़क हादसों पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसका बड़ा कारण यातायात नियमों की धज्जियां उड़ना भी है। हादसों के बाद कुछ देर के लिए सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन बाद में दोबारा पहले जैसे हालात बन जाते हैं।
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प्रशासन ने प्रभावितों को आर्थिक सहायता प्रदान की
राजोरी। डीसी एजाज असद ने सोमवार को जीएमसी एवं जिला अस्पताल का दौरा कर वहा भर्ती थन्नामंडी सड़क हादसे के घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने घायलों के परिजनों को वित्तीय सहायता प्रदान की। हादा 25 अगस्त को उस समय हुई जब थन्नामंडी इलाके में मैगी-मोड़ के पास एक ओवरलोडिंग मेटाडोर लगभग 500 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। उसमें सवार सात की मौत और 25 घायल हो गए थे। डीसी ने सभी घायल व्यक्तियों को कुल मिलाकर एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की। घायलों में मोहम्मद खालिद, मोहम्मद शाजाद, परवीन कौसर, मोहम्मद खुर्शीद, इरफराज अहमद, मोहम्मद रशीद, अली मोहम्मद, मोहम्मद इस्माइल, सरफराज अहमद, मोहम्मद अमीन और मोहम्मद आरोह सभी शामिल हैं। सभी खनेतर पुंछ के निवासी हैं। डीसी ने बताया कि सभी घायलों के उपचार का खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा। उनके साथ चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश गुप्ता, डा. महमूद हुसैन, डॉ शालिंदर शर्मा थे।
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