Tension in Rajori: राजोरी में खाली पड़ी जमीन पर विवाद, स्कूल-दुकानें बंद, इंटरनेट सेवा पर आंशिक रोक
राजोरी शहर के 36 गली यानी नाबन मोहल्ला स्थित जमीन के एक टुकड़े पर मालिकाना हक को लेकर दो समुदायों में विवाद हो गया। इसके बाद दिनभर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहा। किसी व्यक्ति को भी बिना किसी आपातकालीन स्थिति के बाजार में घूमने नहीं दिया गया।
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राजोरी शहर के 36 गली यानी नाबन मोहल्ला स्थित जमीन के एक टुकड़े पर मालिकाना हक को लेकर दो समुदायों में विवाद हो गया। जमीन के उस टुकड़े पर दोनों समुदायों के अधिकार जताने के बाद सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। विवाद बढ़ता देख जिला प्रशासन ने शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी, स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। शहर की सभी दुकानें बंद हो गईं। बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए। हाई स्पीड इंटरनेट बंद कर दिया गया। पूरा दिन असमंजस में गुजरा।
देर शाम प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए धारा 144 हटाई
अल्पसंख्यक समुदाय का दावा है कि उक्त भूमि पर बहुत पहले राम लीला हुआ करती थी और अन्य छोटे छोटे कार्यक्रम किए जाते थे, जबकि बहुसंख्यक समुदाय का दावा है कि उक्त भूमि औकाफ की है। इसके कारण वहां कुछ निर्माण करना चाहते हैं। बहुसंख्यक समुदाय द्वारा उक्त भूमि पर कुछ निर्माण करना शुरू किया तो अल्पसंख्यक समुदाय ने इस पर आपत्ति जताई और शिकायत दर्ज कर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
फसाद न हो इसको देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई
तनाव को देखते हुए तहसीलदार राजोरी ने वीरवार को ही उस जमीन को कुर्क करके एसएचओ राजोरी के सुपुर्द कर दिया था। वहीं, इसके खिलाफ बहुसंख्यक समुदाय के लोग शुक्रवार को प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान या उससे पहले कहीं कुछ तनाव की स्थिति न बने और सांप्रदायिक दंगा फसाद न हो इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने राजोेरी में धारा 144 लगा दी।
- नगरपालिका के क्षेत्राधिकार में आने वाले पूरे इलाके में जिला प्रशासन ने शुक्रवार की सुबह धारा 144 लागू करने का आदेश जारी कर अघोषित कर्फ्यू लगा दिया और स्कूल-कॉलेज व दुकानें बंद करने के निर्देश जारी कर दिए। कॉलेज के परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र दिखाकर जाने की अनुमति दी गई।
सुबह करीब 6 बजे से ही पुलिस की गाड़ियां जगह-जगह धारा 144 लागू होने और दुकानें और स्कूल-कॉलेज बंद रखने की घोषणा करती नजर आई। जहां कहीं लोग नजर आए लोगों को चेतावनी देकर फिर से घरों में भेजा गया। इतना ही नहीं पुलिस ने राजोरी शहर के कुछ संवेदनशील स्थानों पर कंटीली तारें बिछा दी थी, ताकि वहां पर किसी तरह की भी गतिविधि को रोका जा सके।
रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने में आई दिक्कतें
दिनभर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा रहा। किसी व्यक्ति को भी बिना किसी आपातकालीन स्थिति के बाजार में घूमने नहीं दिया गया। इतना ही नहीं राजोरी शहर व आसपास के सभी बाजारों में दवाई, दूध, दही, फल और सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं वाली दुकानों को भी नहीं खुलने दिया गया। इससे लोगों को रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने में भी दिक्कत उठानी पड़ी। लोगों को आवश्यक वस्तुएं तक खरीदने का अवसर नहीं दिया गया। शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए भी लोगों को मस्जिदों मे एकत्रित नहीं होने दिया गया। लोगों को घरों में ही नमाज अदा करनी पड़ी।
राजोरी में हाई स्पीड इंटरनेट पर भी लगा दी गई रोक
इंटरनेट के माध्यम से सोशल नेटवर्किंग साइट का प्रयोग करके सांप्रदायिक तनाव व दंगा फसाद पर रोक लगाने के मकसद से जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राजोरी में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया। शुक्रवार सुबह 10 बजे के बाद राजोरी में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसके बाद इतनी धीमी गति से इंटरनेट चल रहा था कि लोगों का इंटरनेट से संबंधित कोई भी कार्य नहीं हो सका।