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Rajouri News: गुरु मंत्र धारण करने से होगा कल्याण
Sat, 28 Oct 2023 01:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 28 Oct 2023 01:53 AM IST
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श्री ज्ञान गंगा आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिन
स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने कथा व प्रवचनों से किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। भगवान सभी में हैं, लेकिन वह सबसे अलग भी हैं। वह हर पल हमारे साथ है। इंसान का यह धर्म है कि वह गुरु मंत्र धारण कर उसका जाप करे, जिससे उसका कल्याण होगा। यह ज्ञान अटल पीठाधीश्वर राजगुरु आचार्य महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने शुक्रवार को श्री ज्ञान गंगा आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन संगत को दिया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर कथा का श्रवण किया।
स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने शिव लीलाएं, नृसिंग अवतार और ऋषभदेवजी का शासन काल का वर्णन किया। उन्होंने लोगों को जीवन में भागवत कथा के महत्व के बारे में बताया। साथ धार्मिक प्रवचनों को पढ़कर और सुनकर आत्म-साक्षात्कार का मार्ग समझाया। शिव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया की जिसकी वाणी में शिव शिव होता है उसके पास यमराज भी आने से डरता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है। हमारी अभिव्यक्तियां केवल झूठ को जन्म देती हैं और दुनिया को अंततः असत्य बनाती हैं। इस दौरान शहर सहित अन्य इलाकों के भारी संख्या में मौजूद रहे।
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स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने कथा व प्रवचनों से किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। भगवान सभी में हैं, लेकिन वह सबसे अलग भी हैं। वह हर पल हमारे साथ है। इंसान का यह धर्म है कि वह गुरु मंत्र धारण कर उसका जाप करे, जिससे उसका कल्याण होगा। यह ज्ञान अटल पीठाधीश्वर राजगुरु आचार्य महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने शुक्रवार को श्री ज्ञान गंगा आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन संगत को दिया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर कथा का श्रवण किया।
स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने शिव लीलाएं, नृसिंग अवतार और ऋषभदेवजी का शासन काल का वर्णन किया। उन्होंने लोगों को जीवन में भागवत कथा के महत्व के बारे में बताया। साथ धार्मिक प्रवचनों को पढ़कर और सुनकर आत्म-साक्षात्कार का मार्ग समझाया। शिव की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया की जिसकी वाणी में शिव शिव होता है उसके पास यमराज भी आने से डरता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है। हमारी अभिव्यक्तियां केवल झूठ को जन्म देती हैं और दुनिया को अंततः असत्य बनाती हैं। इस दौरान शहर सहित अन्य इलाकों के भारी संख्या में मौजूद रहे।
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