{"_id":"ca6c7a77fb9aff8d3d7c3362de0434a8","slug":"people-could-not-go-to-worship-in-mosque-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोलाबारी के चलते लोग नहीं कर सके इबादत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोलाबारी के चलते लोग नहीं कर सके इबादत
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Tue, 07 Oct 2014 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाक की ओर से तीन घंटे तक की गई गोलाबारी के चलते सीमावर्ती इलाकों में लोग बकरीद पर इबादत नहीं कर सके।
विज्ञापन
पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से सोमवार को बकरीद के दिन भी संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए करीब तीन घंटे तक गोलीबारी की गई और मोर्टार के गोले भी दागे गए।
भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान की इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलाबारी में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गंभीर क्षेत्र में कुछ लोगों के घरों और आसपास के खेतों में भी गोलियां गिरी हैं। दोपहर को करीब 12 बजे बाद गोलाबारी बंद हो गई थी।
विज्ञापन
गोलाबारी के चलते लोग ठीक से नमाज नहीं अता कर पाए। पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर से बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से जहां एक तरफ सीमांत क्षेत्रों के लोग बहुत दहशत में हैं।
विज्ञापन
सोमवार को एलओसी से सटे गांवों के लोग बकरीद के पावन पर्व को भी ठीक से नहीं मना पाए, क्याेंकि जिस समय लोग नमाज अता करने के लिए मस्जिद जाने की तैयारी कर रहे थे, उसी समय पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार सोमवार को बकरीद के पर्व के लिए अभी लोग अपने घरों से नमाज के लिए निकले भी नहीं थे कि पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी शुरू कर दी गई।
ग्राई क्षेत्र के सरपंच मोहम्मद इकबाल ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन को इस्लाम धर्म के खिलाफ करार देते हुए कहा कि जो लोग ईद के पर्व पर भी किसी को अपनी गोली का निशाना बना सकते हैं, वह कभी भी इंसान नहीं हो सकते।
एक अन्य स्थानीय निवासी मीना अहमद ने पाकिस्तान का प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए बताया कि क्षेत्र के लोग ईदगाह में जाकर नमाज अता करना चाहते थे, लेकिन पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के चलते वे खुदा की इबादत भी नहीं कर सके।
गोलाबारी के डर से लोगों ने अपने घरों में दुबक कर ही नमाज अता की। वहीं बालाकोट के एक लेक्चरर रियाज अहमद ने बताया कि पिछले करीब चार दिनों से वे दहशत में जी रहे हैं। कब किस ओर से गोली आकर उन्हें अपना निशाना बना ले कोई पता नहीं।
ईद के पर्व पर लोग नमाज पढ़ने के लिए अपने घरों से बाहर नहीं जा सके। वर्ष में एक बार आने वाले बकरीद के पवित्र पर्व पर भी लोगों को डर के मारे अपने घरों में ही दुबकना पड़ा। नौशेरा स्थित केरी गांव के सरपंच राज कुमार ने पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने पर उसे सबक सिखाने की बात कहते हुए कहा कि जब तक भारत पाक को सही तरह से सबक नहीं सिखा देता, पाक कभी भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आएगा।
एलओसी से सटे गांवों के लोग जहां एक तरफ बार बार होने वाली गोलाबारी से परेशान हैं और दहशत में हैं तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें गोलाबारी से फसलें नष्ट होने का भी डर है। गंभीर निवासी हाजी अकरम ने बताया कि कुछ ही दिनों में लोगों ने फसलों की कटाई का कार्य शुरू करना है, लेकिन बार बार गोलीबारी होने से उन्हें अपनी फसलों के बरबाद होने की भी आशंका है।