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28 दिन से नीड बेस कर्मी हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Tue, 16 Jun 2015 06:57 PM IST
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स्थायी करने और वेतन में बढ़ोत्तरी की मांगों के समर्थन में पिछले 28 दिन से पीडब्ल्यूडी के नीड बेस कर्मी हड़ताल पर हैं। मंगलवार को कर्मियों की अनिश्चतकालीन हड़ताल 28वें दिन में दाखिल हो गई। पिछले तीन सप्ताह से कामकाज छोड़ कर धरने पर बैठे नीड बेस कर्मियाें ने सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मियों ने मौजूदा पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए जल्द उनकी सभी लंबित मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी नीड बेस कर्मचारी यूनियन जिला अध्यक्ष रियाज अहमद मुगल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर उनके सब्र का इम्तहान ले रही है।
पिछले कई वर्षों से न तो हमारा वेतन बढ़ाया गया है और न ही हमें स्थायी करने के लिए कोई ठोस पालिसी बनाई जा रही है। सत्ता में आने से पहले पीडीपी व भाजपा नेताओं ने हमें बहुत ऊंचे-ऊंचे सपने दिखाए थे और सत्ता में आते ही स्थायी करने का वादा किया था।
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चार महीने बीत जाने के बाद न तो अभी तक वेतन बढ़ाया गया है और न ही स्थायी करने पर कोई पालिसी बनी है। धरने पर बैठे कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
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पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मियों ने मौजूदा पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए जल्द उनकी सभी लंबित मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी नीड बेस कर्मचारी यूनियन जिला अध्यक्ष रियाज अहमद मुगल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर उनके सब्र का इम्तहान ले रही है।
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पिछले कई वर्षों से न तो हमारा वेतन बढ़ाया गया है और न ही हमें स्थायी करने के लिए कोई ठोस पालिसी बनाई जा रही है। सत्ता में आने से पहले पीडीपी व भाजपा नेताओं ने हमें बहुत ऊंचे-ऊंचे सपने दिखाए थे और सत्ता में आते ही स्थायी करने का वादा किया था।
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चार महीने बीत जाने के बाद न तो अभी तक वेतन बढ़ाया गया है और न ही स्थायी करने पर कोई पालिसी बनी है। धरने पर बैठे कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।