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डीडीसी राजोरी ने सहकारी क्षेत्र के कामकाज की समीक्षा की
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राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने विभाग के कामकाज, योजनाओं और अधिनियमों के तहत हासिल की गई प्रगति की समीक्षा के लिए सहकारिता विभाग के जिला और क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। पंजीकृत सहकारी समिति अधिनियम की संख्या, निष्क्रिय सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने के लिए उठाए गए कदम, प्राथमिक और माध्यमिक सहकारी समितियों के चुनाव, गठित एफपीओ की संख्या और अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर डिप्टी रजिस्ट्रार कोआपरेटिव्स (डीआरसी) अंतर सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न अधिनियमों के तहत कुल 181 सहकारी समितियां हैं।
उन्होंने कहा कि 121 सहकारी समितियों में से सहकारी समितियां अधिनियम 1989 के तहत पंजीकृत हैं और केवल 46 कार्यात्मक हैं। जिले में सोसायटियों के चुनाव के संबंध में डीआरसी ने बताया कि वर्तमान में 42 प्राथमिक सहकारी समितियों का चुनाव प्रगति पर है, जबकि 7 का चुनाव हो चुका है। उपायुक्त ने जिले में नई सहकारी समितियों और किसान उपज संगठनों के गठन की प्रगति की भी समीक्षा की। डीआरसी ने अध्यक्ष को बताया कि जिले में 8 सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया गया है जबकि दो नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि 21 सहकारी समितियों और 11 एफपीओ के प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि विभाग इस वित्तीय वर्ष में जिले में 30 और सहकारी समितियों के गठन के लिए कड़े प्रयास कर रहा है। उपायुक्त ने सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के मानदंडों की भी समीक्षा की। उन्होंने बंद पड़ी समितियों के रिवाइवल की आवश्यकता पर बल देते हुए विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में अभिनव और ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। जिले की शेष सहकारी समितियों के चुनाव कराने के भी निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि 121 सहकारी समितियों में से सहकारी समितियां अधिनियम 1989 के तहत पंजीकृत हैं और केवल 46 कार्यात्मक हैं। जिले में सोसायटियों के चुनाव के संबंध में डीआरसी ने बताया कि वर्तमान में 42 प्राथमिक सहकारी समितियों का चुनाव प्रगति पर है, जबकि 7 का चुनाव हो चुका है। उपायुक्त ने जिले में नई सहकारी समितियों और किसान उपज संगठनों के गठन की प्रगति की भी समीक्षा की। डीआरसी ने अध्यक्ष को बताया कि जिले में 8 सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया गया है जबकि दो नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि 21 सहकारी समितियों और 11 एफपीओ के प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि विभाग इस वित्तीय वर्ष में जिले में 30 और सहकारी समितियों के गठन के लिए कड़े प्रयास कर रहा है। उपायुक्त ने सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के मानदंडों की भी समीक्षा की। उन्होंने बंद पड़ी समितियों के रिवाइवल की आवश्यकता पर बल देते हुए विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में अभिनव और ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। जिले की शेष सहकारी समितियों के चुनाव कराने के भी निर्देश दिए।
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