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Rajouri News: नदी में फंसे ग्रामीणों को हेलिकॉप्टर से निकालने की तकनीक बताई
Sat, 06 Jun 2026 03:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:47 AM IST
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श्रोत संवाद फोटो:- नौशेरा में भारतीय सेना द्वारा मानसून सत्र से पहले आपदा से बचने के लिए बाढ़
नौशेरा में आपदा की तैयारी को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज हिफाजत राहत-ए-अवाम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। सेना ने नौशेरा सेक्टर में शुक्रवार को एक्सरसाइज हिफाजत : राहत-ए-अवाम एक बड़ी सेना- सिविल फ्यूजन व्यायाम है। इस एक्सरसाइज में सेना, सिविल प्रशासन आपदा प्रबंधक फोर्स (एनडीआरएफ), रियायत आपदा रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), जम्मू और कश्मीर पुलिस, हेल्थ सर्विसेज, सिविल डिफेंस और दूसरी स्टेकहोल्डर एजेंसियां कॉमन प्लेटफॉर्म पर आईं। यह एक्सरसाइज तवी नदी के किनारे कमजोर और निचले इलाकों में असली बाढ़ और आपातकालीन के हालात को दिखाने के लिए डिज़ाइन की गई थी। इसकी शुरुआत एक जॉइंट टेबल-टॉप एक्सरसाइज से हुई। सिनारियो-बेस्ड चर्चाओं और वॉर-गेमिंग से इमरजेंसी के दौरान असरदार रिस्पॉन्स पर विस्तार में बातचीत हुई।
इस एक्सरसाइज का एक बड़ा प्रमुखता से तवी नदी पर किया गया जॉइंट बाढ़ बचाव और इवैक्युएशन प्रदर्शन था। प्रदर्शन में कोऑर्डिनेटेड सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, कैजुअल्टी इवैक्युएशन प्रोसीजर, नाव पर आधारित रेस्क्यू मिशन, रस्सी की मदद से नदी पार करने की तकनीक और प्रभावित लोगों को तय रिलीफ कैंप तक सुरक्षित इवैक्युएशन दिखाया गया। इस दौरान नदी में फंसे ग्रामीणों को हेलिकॉप्टर से निकालने की तकनीक बताई।
इस एक्सरसाइज में खास डिज़ास्टर रिलीफ इक्विपमेंट, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट रिसोर्स, ड्रोन-इनेबल्ड सर्विलांस सिस्टम और रियल-टाइम सिचुएशनल अवेयरनेस के लिए एडवांस्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के स्टैटिक डिस्प्ले भी शामिल थे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। सेना ने नौशेरा सेक्टर में शुक्रवार को एक्सरसाइज हिफाजत : राहत-ए-अवाम एक बड़ी सेना- सिविल फ्यूजन व्यायाम है। इस एक्सरसाइज में सेना, सिविल प्रशासन आपदा प्रबंधक फोर्स (एनडीआरएफ), रियायत आपदा रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), जम्मू और कश्मीर पुलिस, हेल्थ सर्विसेज, सिविल डिफेंस और दूसरी स्टेकहोल्डर एजेंसियां कॉमन प्लेटफॉर्म पर आईं। यह एक्सरसाइज तवी नदी के किनारे कमजोर और निचले इलाकों में असली बाढ़ और आपातकालीन के हालात को दिखाने के लिए डिज़ाइन की गई थी। इसकी शुरुआत एक जॉइंट टेबल-टॉप एक्सरसाइज से हुई। सिनारियो-बेस्ड चर्चाओं और वॉर-गेमिंग से इमरजेंसी के दौरान असरदार रिस्पॉन्स पर विस्तार में बातचीत हुई।
इस एक्सरसाइज का एक बड़ा प्रमुखता से तवी नदी पर किया गया जॉइंट बाढ़ बचाव और इवैक्युएशन प्रदर्शन था। प्रदर्शन में कोऑर्डिनेटेड सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, कैजुअल्टी इवैक्युएशन प्रोसीजर, नाव पर आधारित रेस्क्यू मिशन, रस्सी की मदद से नदी पार करने की तकनीक और प्रभावित लोगों को तय रिलीफ कैंप तक सुरक्षित इवैक्युएशन दिखाया गया। इस दौरान नदी में फंसे ग्रामीणों को हेलिकॉप्टर से निकालने की तकनीक बताई।
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इस एक्सरसाइज में खास डिज़ास्टर रिलीफ इक्विपमेंट, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट रिसोर्स, ड्रोन-इनेबल्ड सर्विलांस सिस्टम और रियल-टाइम सिचुएशनल अवेयरनेस के लिए एडवांस्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के स्टैटिक डिस्प्ले भी शामिल थे। संवाद
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