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Rajouri News: नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभाव बताए
Tue, 23 Jun 2026 01:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:52 AM IST
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सोलकी में भारतीय सेना द्वारा “नशे को कहें ना” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित फोटो स्रोत सेना
सोलंकी में सेना ने नशे को कहें ना जागरूकता कार्यक्रम करवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सेना ने जिले के सोलंकी क्षेत्र में नशे को कहें ना विषय पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और स्थानीय नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान सेना के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। युवाओं को नशे से दूर रहने, गलत संगत व दबाव से बचने और जीवन में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।
व्याख्यान के दौरान बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर सकता है। सेना के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें। जागरूकता अभियान के तहत गांव में विभिन्न स्थानों पर नशा विरोधी संदेशों वाले पोस्टर भी लगाए गए। इन पोस्टरों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया गया।
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कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और गांव के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेना का यह प्रयास न केवल सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाला रहा। इससे सेना और स्थानीय लोगों के बीच आपसी विश्वास और संबंध और भी अधिक मजबूत हुए। सेना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह केवल देश की सुरक्षा ही नहीं बल्कि समाज के उत्थान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।
सेना के अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त भारत और स्वस्थ समाज के संकल्प के साथ किया गया।
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राजोरी। सेना ने जिले के सोलंकी क्षेत्र में नशे को कहें ना विषय पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और स्थानीय नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान सेना के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। युवाओं को नशे से दूर रहने, गलत संगत व दबाव से बचने और जीवन में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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व्याख्यान के दौरान बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर सकता है। सेना के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें। जागरूकता अभियान के तहत गांव में विभिन्न स्थानों पर नशा विरोधी संदेशों वाले पोस्टर भी लगाए गए। इन पोस्टरों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया गया।
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कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और गांव के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेना का यह प्रयास न केवल सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाला रहा। इससे सेना और स्थानीय लोगों के बीच आपसी विश्वास और संबंध और भी अधिक मजबूत हुए। सेना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह केवल देश की सुरक्षा ही नहीं बल्कि समाज के उत्थान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।
सेना के अधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त भारत और स्वस्थ समाज के संकल्प के साथ किया गया।