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Rajouri News: राजोरी जिले में जुलाई 2022 से अब तक 569 सड़क हादसे
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राजोेरी। जिले में जुलाई 2022 से अब तक 569 सड़क हादसे हुए। इसमें 85 फीसदी दुर्घटनाएं तेज गति और चालकों की लापरवाही के कारण हुईं। शेष 15 फीसदी में सड़क, यांत्रिक विफलता या अन्य कारण सामने आए हैं। यह बात जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आई।
जिले में सड़क सुरक्षा बढ़ाने और सड़क हादसों को कम करने के लिए डिप्टी कमिश्नर राजोेरी ओम प्रकाश भगत ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। एमवीडी के अधिकारियों ने इंटेग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईआरएडी) पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें आईआरएडी पोर्टल का उपयोग करके सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सक्रिय उपायों की रूपरेखा तैयार की गई। आईआरएडी के रोल आउट मैनेजर पंकज सभरवाल ने एक विस्तृत रिपोर्ट दी, इसमें बताया गया कि जुलाई 2022 से जिले में 569 दुर्घटनाएं हुईं। पोर्टल पर दुर्घटनाओं का समय, हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों की रिपोर्ट उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस आईआरएडी पोर्टल में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की रिपोर्टों के माध्यम से विश्लेषण के बाद देखा गया है कि 85 फीसदी दुर्घटनाएं तेज गति और चालकों की लापरवाही के कारण हुईं। शेष 15 फीसदी में सड़क या यांत्रिक विफलता या किसी अन्य कारणों का पता लगाया जा सकता है।
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक जन जागरूकता के सर्वोपरी महत्व पर जोर देते हुए सड़क दुर्घटनाओं, चोटों और मौतों को रोकने के महत्व को रेखांकित किया। ड्राइवरों के लिए स्वयं और साथी नागरिकों के लिए सुरक्षा सावधानियों को प्राथमिकता देने की अनिवार्य आवश्यकता पर बल दिया। सड़क सुरक्षा मानदंडों को लागू करने के लिए उन्होंने यातायात और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को यातायात नियम उल्लंघन की कड़ाई से निगरानी करने और अपराधियों पर कड़े उपाय लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए, ताकि जिले के भीतर सड़क यात्रा को सभी के लिए सुरक्षित अनुभव में प्रभावी रूप से बदला जा सके।
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जिले में सड़क सुरक्षा बढ़ाने और सड़क हादसों को कम करने के लिए डिप्टी कमिश्नर राजोेरी ओम प्रकाश भगत ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। एमवीडी के अधिकारियों ने इंटेग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईआरएडी) पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें आईआरएडी पोर्टल का उपयोग करके सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सक्रिय उपायों की रूपरेखा तैयार की गई। आईआरएडी के रोल आउट मैनेजर पंकज सभरवाल ने एक विस्तृत रिपोर्ट दी, इसमें बताया गया कि जुलाई 2022 से जिले में 569 दुर्घटनाएं हुईं। पोर्टल पर दुर्घटनाओं का समय, हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों की रिपोर्ट उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस आईआरएडी पोर्टल में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की रिपोर्टों के माध्यम से विश्लेषण के बाद देखा गया है कि 85 फीसदी दुर्घटनाएं तेज गति और चालकों की लापरवाही के कारण हुईं। शेष 15 फीसदी में सड़क या यांत्रिक विफलता या किसी अन्य कारणों का पता लगाया जा सकता है।
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उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक जन जागरूकता के सर्वोपरी महत्व पर जोर देते हुए सड़क दुर्घटनाओं, चोटों और मौतों को रोकने के महत्व को रेखांकित किया। ड्राइवरों के लिए स्वयं और साथी नागरिकों के लिए सुरक्षा सावधानियों को प्राथमिकता देने की अनिवार्य आवश्यकता पर बल दिया। सड़क सुरक्षा मानदंडों को लागू करने के लिए उन्होंने यातायात और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को यातायात नियम उल्लंघन की कड़ाई से निगरानी करने और अपराधियों पर कड़े उपाय लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए, ताकि जिले के भीतर सड़क यात्रा को सभी के लिए सुरक्षित अनुभव में प्रभावी रूप से बदला जा सके।
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