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Rajouri News: रक्तदान से एक व्यक्ति 500 लोगों की बचा सकता है जान
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नौशेरा। डिग्री कॉलेज की एनसीसी यूनिट ने रेड रिबन क्लब और जूलॉजी विभाग के सहयोग से शुक्रवार को रक्तदान पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया। प्राचार्य डॉ. केके शर्मा की देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. अखिल खजुरिया, एएनओ, जीडीसी के स्वागत भाषण के साथ हुआ। जिन्होंने छात्रों को रक्तदान के महत्व के बारे में प्रभावित किया।
प्रो. पूजा देवी ने रक्तदान से जुड़े मिथकों और तथ्यों, रक्त की संरचना, रक्तदान के महत्व और तीन प्रकार के रक्तदाताओं अर्थात स्वैच्छिक रक्त दाताओं, प्रतिस्थापन रक्त दाताओं के बारे में बात की। प्रो. इनाम उल हक ने कहा कि एक व्यक्ति 18-65 वर्ष की आयु से नियमित रक्तदाता हो सकता है। एक व्यक्ति नियमित रक्तदान से लगभग 500 रोगियों की जान बचा सकता है। प्राचार्य डॉ. केके शर्मा ने संकाय सदस्यों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने छात्रों और स्टाफ सदस्यों से रक्तदान गतिविधि में शामिल होने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अखिल खजुरिया, प्रो. जोगिंदर सिंह और प्रो. रजत भारद्वाज ने किया। संकेत सयाल, एसयूओ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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प्रो. पूजा देवी ने रक्तदान से जुड़े मिथकों और तथ्यों, रक्त की संरचना, रक्तदान के महत्व और तीन प्रकार के रक्तदाताओं अर्थात स्वैच्छिक रक्त दाताओं, प्रतिस्थापन रक्त दाताओं के बारे में बात की। प्रो. इनाम उल हक ने कहा कि एक व्यक्ति 18-65 वर्ष की आयु से नियमित रक्तदाता हो सकता है। एक व्यक्ति नियमित रक्तदान से लगभग 500 रोगियों की जान बचा सकता है। प्राचार्य डॉ. केके शर्मा ने संकाय सदस्यों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने छात्रों और स्टाफ सदस्यों से रक्तदान गतिविधि में शामिल होने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अखिल खजुरिया, प्रो. जोगिंदर सिंह और प्रो. रजत भारद्वाज ने किया। संकेत सयाल, एसयूओ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।