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सरकारी स्कूल भवन में छत नहीं
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सरकारी स्कूल भवन में छत नहीं
- फोटो : RAJOURI
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राजोरी। मंजाकोट शिक्षा जोन के तहत पड़ने पंज ग्रियान में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की इमारत बिना छत के है। बच्चे खुले आसमान के नीचे कक्षाएं लेने के लिए मजबूर हैं।
छात्रों ने कहा कि स्कूल करीब दो साल बाद खुले हैं, लेकिन उनके स्कूल की इमारत जर्जर है। जाड़े के दिनों में कड़ाके की ठंड उनकी परेशानी और बढ़ा देती है। बारिश के दौरान सभी छात्रों को मवेशियों की तरह एक कमरे में इकट्ठा होना पड़ता है। शिक्षकों ने कहा कि स्कूल वन भूमि पर स्थित है और शिक्षा विभाग को भूमि देने का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था लेकिन सब व्यर्थ था। उन्होंने कहा कि स्कूल में 400 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, लेकिन कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण छात्रों की शिक्षा दांव पर लगी है। 80 लाख रुपये की मंजूर राशि में से 16 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी, लेकिन वह भी अब खत्म हो गई।
इस संबंध में प्रभारी सीईओ अब्दुल मजीद ने कहा कि वह भवन की योजना को मंजूरी दिलाने के लिए योजना विभाग के समक्ष मामला उठाएंगे। शिक्षा विभाग की राशि को भवन पर खर्च कर दिया गया है और कोई भी जमीन और स्कूल के बुनियादी ढांचे को नहीं छीन सकता है।
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छात्रों ने कहा कि स्कूल करीब दो साल बाद खुले हैं, लेकिन उनके स्कूल की इमारत जर्जर है। जाड़े के दिनों में कड़ाके की ठंड उनकी परेशानी और बढ़ा देती है। बारिश के दौरान सभी छात्रों को मवेशियों की तरह एक कमरे में इकट्ठा होना पड़ता है। शिक्षकों ने कहा कि स्कूल वन भूमि पर स्थित है और शिक्षा विभाग को भूमि देने का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था लेकिन सब व्यर्थ था। उन्होंने कहा कि स्कूल में 400 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, लेकिन कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण छात्रों की शिक्षा दांव पर लगी है। 80 लाख रुपये की मंजूर राशि में से 16 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी, लेकिन वह भी अब खत्म हो गई।
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इस संबंध में प्रभारी सीईओ अब्दुल मजीद ने कहा कि वह भवन की योजना को मंजूरी दिलाने के लिए योजना विभाग के समक्ष मामला उठाएंगे। शिक्षा विभाग की राशि को भवन पर खर्च कर दिया गया है और कोई भी जमीन और स्कूल के बुनियादी ढांचे को नहीं छीन सकता है।
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