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Rajouri News: पर्यटकों को लुभा रहा दरहाल का दूध वॉटरफॉल झरना
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-लोग बोले, सरकार प्रयास करे तो ईको टूरिज्म का बन सकता है बड़ा केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के दरहाल में बेहद खूबसूरत झरना है। इसकी दुग्ध धवल धाराओं के कारण दूध वॉटरफॉल नाम दिया गया है। यह झरना राजोेरी शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर है।
पीर पंजाल की हरियाली से भरपूर वादियों और उनके पहाड़ों के बीच स्थित यह झरना ट्रैकिंग व प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। झरने तक पहुंचने के लिए करीब 2 किलोमीटर ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जंगलों और ढलानों से होकर गुजरता है। पर्यावरण कार्यकर्ता ताहिर मुस्तफा का कहना है कि झरना दरहाल घाटी की खूबसूरती का प्रतीक है। यह सिर्फ एक प्राकृतिक धरोहर नहीं बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा अवसर है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि यहां उचित बुनियादी ढांचा और सुरक्षा के उपाय किए जाएं तो यह स्थान ईको टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है। झरने के आसपास कई अन्य पर्यटन स्थल भी हैं। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती किसी को भी आकर्षित कर सकती है। दूध वॉटरफॉल सिर्फ दरहाल की पहचान नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर का अहम पर्यटन स्थल बन सकता है। प्रशासन और पर्यटन विभाग सक्रिय भूमिका निभाए तो यह स्थान वैश्विक पर्यटन का हिस्सा बन सकता है।
पर्यटन स्थल के रूप में करेंगे विकसित
दरहाल के दूध झरने की खूबसूरती बेमिसाल है। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
आबिद हुसैन, एसडीएम, थन्नामंडी
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राजोरी। जिले के दरहाल में बेहद खूबसूरत झरना है। इसकी दुग्ध धवल धाराओं के कारण दूध वॉटरफॉल नाम दिया गया है। यह झरना राजोेरी शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर है।
पीर पंजाल की हरियाली से भरपूर वादियों और उनके पहाड़ों के बीच स्थित यह झरना ट्रैकिंग व प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। झरने तक पहुंचने के लिए करीब 2 किलोमीटर ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जंगलों और ढलानों से होकर गुजरता है। पर्यावरण कार्यकर्ता ताहिर मुस्तफा का कहना है कि झरना दरहाल घाटी की खूबसूरती का प्रतीक है। यह सिर्फ एक प्राकृतिक धरोहर नहीं बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा अवसर है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि यहां उचित बुनियादी ढांचा और सुरक्षा के उपाय किए जाएं तो यह स्थान ईको टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है। झरने के आसपास कई अन्य पर्यटन स्थल भी हैं। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती किसी को भी आकर्षित कर सकती है। दूध वॉटरफॉल सिर्फ दरहाल की पहचान नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर का अहम पर्यटन स्थल बन सकता है। प्रशासन और पर्यटन विभाग सक्रिय भूमिका निभाए तो यह स्थान वैश्विक पर्यटन का हिस्सा बन सकता है।
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पर्यटन स्थल के रूप में करेंगे विकसित
दरहाल के दूध झरने की खूबसूरती बेमिसाल है। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
आबिद हुसैन, एसडीएम, थन्नामंडी