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संत समागम जीवन का श्रेष्ठ लाभ
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ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर नौशेरा मे साध्वी गरिमा भारती प्रवचन करते हुए
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नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वाधान में श्री रघुनाथ मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि रामचरितमानस में भगवान शिव माता पार्वती को कहते हैं संत समागम जीवन का सबसे श्रेष्ठ लाभ है। जो हरि कृपा से प्राप्त होता है। सभी ग्रंथ इसकी महिमा गाते हैं।
जीवन की सबसे बड़ी हानि मानव जीवन की प्राप्ति के करके भक्ति नहीं करना है। यह प्रभु की कथा की महानता है कि भगवान शिव माता सती को साथ में लेकर अगस्त्य ऋषि के आश्रम में कथा रस का पान करते हैं। अत: जीवन के श्रेष्ठ लाभ हेतु और बड़ी हानि से बचने के लिए कथा रस का पान करना बुद्धिमता कही गई है। प्रभु श्रीराम कथा जीवन को प्रभु भक्ति की तरफ अग्रसर करती है। प्रभु राम के आदर्श और जीवन चरित्र को जीवन में चरितार्थ करने हेतु एक प्रेरणा स्रोत है।
कथा के दौरान स्वामी सुकर्मा नंद, स्वामी सुचेता नंद, सुभाष कपूर व्यापार मंडल प्रधान, भारत भूषण गुप्ता, कैप्टन नरेश पाल, श्याम मुरारी वर्मा आदि विशेष तौर पर मौजूद रहे। संवाद
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जीवन की सबसे बड़ी हानि मानव जीवन की प्राप्ति के करके भक्ति नहीं करना है। यह प्रभु की कथा की महानता है कि भगवान शिव माता सती को साथ में लेकर अगस्त्य ऋषि के आश्रम में कथा रस का पान करते हैं। अत: जीवन के श्रेष्ठ लाभ हेतु और बड़ी हानि से बचने के लिए कथा रस का पान करना बुद्धिमता कही गई है। प्रभु श्रीराम कथा जीवन को प्रभु भक्ति की तरफ अग्रसर करती है। प्रभु राम के आदर्श और जीवन चरित्र को जीवन में चरितार्थ करने हेतु एक प्रेरणा स्रोत है।
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कथा के दौरान स्वामी सुकर्मा नंद, स्वामी सुचेता नंद, सुभाष कपूर व्यापार मंडल प्रधान, भारत भूषण गुप्ता, कैप्टन नरेश पाल, श्याम मुरारी वर्मा आदि विशेष तौर पर मौजूद रहे। संवाद
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